बालोद। आजकल के बच्चे फ्री फायर सहित कई ऑनलाइन गेम खेलते हैं। इस दौरान वे कई अनजान लोगों से भी जुड़ते हैं और खेलते- खेलते उनके बीच दोस्ती हो जाती है. ऐसे ही फ्री फायर खेलते-खेलते बालोद की एक नाबालिग बच्ची पश्चिम बंगाल के युवक के झांसे में आ गई और युवक ने उसे प्रेम जाल ऐसे में फंसाया कि उसे सही गलत की समझ ही नहीं रही और झांसे में लेकर आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की को अपने साथ भगा लिया और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। बालोद पुलिस इधर अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी। नाबालिक के पश्चिम बंगाल में मिलने के बाद जब आरोपी से पूछताछ हुई तो मामला स्पष्ट हुआ। मिली जानकारी अनुसार थाना बालोद क्षेत्र अंतर्गत एक पीड़ित परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि पीड़िता की नबालिक पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले गया है। जिस पर पहले धारा 363 भादवि दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता एवं महिला व बच्चों से सबंधित गंभीर अपराध होने पर पुलिस पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज बी. एन. मीणा के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद हरीश राठौर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी व थाना प्रभारी बालोद के द्वारा एक विशेष टीम तैयार कर पश्चिम बंगाल टीम को रवाना किया गया था। गठित टीम के द्वारा नाबालिक पीड़िता को आरोपी श्रीबास दास पिता नानी गोपाल दास उम्र 22 साल निवासी निमदाह थाना पुर्वस्थली जिला पुर्वी वर्धमान (पश्चिम) बंगाल) के कब्जे से बरामद कर पीड़िता से पुछताछ करने पर बताये कि आरोपी के द्वारा 02-03 वर्षो से फ्री फायर गेम मोबाईल के माध्यम से खेलते थे। जिसमें आरोपी के द्वारा अपने झांसा में लेकर पीड़िता का नम्बर प्राप्त कर अपने चिकनी चुकड़ी बातों में लेकर पीड़िता को ले जाने पश्चिम बंगाल से बहला फुसलाकर एवं शादी का प्रलोभन देकर भगा कर ले गया था। पीड़िता के साथ शादी कर लगातार शारीरिक संबंध बनाना बताई। प्रकरण में धारा 366,376 ( 2 ) (ढ), भादवि धारा 4,5 ( ट ), 6 पास्को एक्ट जोड़ी गई। पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपी के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक नवीन बोरकर, सउनि कांताराम घिलेन्द्र, आरक्षक, मनीष राजपुत, रूपेश चौरे व महिला आरक्षक संध्या ठाकुर की भूमिका रही है। बालोद पुलिस की आमजनों से अपील है कि कृपया अपने नबालिक बच्चों को किसी अनजान व्यक्ति से फोन व एस.एम.एस से बातचीत करने से दूर रखे। सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
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