बालोद| ग्राम कुरदी(गुंडरदेही) में 111 फीट की ऊंचाई पर स्थायी रूप से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराएगा। इसके बगल में 6 फीट की छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति भी लगेगी. ऐसा कर गांव के युवा सरपंच संजय साहू लोगों में देश व राज्य प्रेम दोनों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं. साथ ही इससे गांव की एक अलग पहचान भी बनेगी. ग्राम पंचायत स्तर पर यह जिले का पहला गांव होगा। उनका कहना है कि राज्य का पहला ग्राम पंचायत एवं रायपुर के बाद दूसरा सबसे ऊंचा ध्वज होगा। बालोद जिले का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज रहेगा। सरपंच का कहना है कि संभवतः देश का पहला ग्राम पँचायत हो सकता है जो 111 फीट राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करेगा। गांव के सेवा सहकारी समिति के सामने जमीन तय किया गया है। इसके अलावा डेमो नक्शा डिजाइन भी तैयार किया गया है। राष्ट्रीय ध्वज के बगल में ही संगमरमर से तैयार 6 फीट लंबी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापित की जाएगी।

ग्राम पंचायत के सरपंच संजय साहू ने बताया कि नवंबर में संसदीय सचिव व स्थानीय विधायक कुंवर सिंह निषाद से भूमिपूजन कराएंगे। जिसके बाद फरवरी 2023 तक काम पूरा कराने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय ध्वज पोल लगाने के लिए रायपुर की एजेंसी से बात हुई है.
कर्नाटक के बेलगाम में है देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
जानकारी अनुसार देश में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर तिरंगा कर्नाटक के बेलगाम में लहरा रहा है। जिसकी ऊंचाई 110 मीटर यानी 361 फीट है। वहीं पंजाब के अटारी बॉर्डर पर 360 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा लहरा रहा है। इसकी ऊंचाई 100 फीट और बढ़ाने का प्रस्ताव है। जिसके लिए मंत्रालय से अनुमति मिल गई है। गुवाहाटी के कोल्हापुर में देश का तीसरा सबसे ऊंचा तिरंगा लहरा रहा है। जिसकी ऊंचाई 330 फीट है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में 269 फीट ऊंचा लहरा रहा है। ऊंचाई के मामले में देश में छठवां स्थान है। कोरोनाकाल के दौरान बालोद के रेलवे स्टेशन के सामने 100 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा लहराया गया। इसके बाद कुरदी जिले का पहला स्थान होगा, जहां इतनी ऊंचाई पर ऐसा हो रहा है।
