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एक थे सरपंच ऐसे भी- हार्ट अटैक से हुई आकस्मिक मौत तो गांव शोक में डूबा, पर बाजे गाजे, सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

बालोद। मालीघोरी क्षेत्र के ग्राम खपरी के सरपंच गोपाल देवांगन का गुरुवार की शाम को हार्टअटैक से आकस्मिक मौत हो गई। इस मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया। खपरी ही नहीं आसपास ग्रामीण क्षेत्र और डौंडीलोहारा के जनप्रतिनिधि और लोगों तक जब इस बात की खबर पहुंची तो वे शुक्रवार को उनके अंतिम दर्शन को उमड़े। शोक के माहौल के साथ-साथ ग्रामीणों ने अपने चहेते सरपंच को अंतिम विदाई देने पूरे सम्मान कार्यक्रम और बाजे गाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव में सभी कामकाज और प्रतिष्ठाने बंद रखी गई और पूरा गांव एकजुट होकर सरपंच के अंतिम यात्रा में शामिल हुए। जो बता रहा था कि ग्राम को लोगों को सरपंच से कितना प्रेम था। आज के जमाने में ऐसे जनप्रतिनिधि बहुत कम मिलते हैं। जिनसे जनता को घर परिवार की तरह लगाव हो ऐसा ही नजारा खपरी के सरपंच गोपाल देवांगन के प्रति लोगों में दिख रहा था। गांव के विकास को लेकर तत्पर रहने वाले सरपंच के इस निधन से गांव को काफी क्षति हुई है। उनकी पूर्ति नहीं हो पाएगी। लोग उनके कार्यों को याद भी करते हैं। जिस गांव में आज तक कभी मुक्तिधाम नहीं बना था उनके कार्यकाल में मुक्तिधाम बना। दो सामुदायिक भवन बने। आज उसी मुक्तिधाम में उनका अंतिम क्रिया कर्म हुआ।

जानकारी के मुताबिक सरपंच गोपाल देवांगन गुरुवार को स्वयं खपरी के रहने वाले राम रतन निषाद के निधन होने पर उनके अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से वापस लौटते वक्त उन्हें अचानक अटैक आया। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल बालोद ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया था। वे अपने पीछे परिवार में अपनी माता दीलोबाई, पत्नी कुलेश्वरी पुत्र झलेन्द्र व खेमराज व पुत्री सीमा छोड़ गए। उनके अंतिम दर्शन कार्यक्रम में पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया, मंत्री प्रतिनिधि अनिल लोढ़ा, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल प्रजापति, ब्लॉक महामंत्री मेघनाथ साहू, जनपद सदस्य राजकुमार प्रभाकर, सीईओ जनपद रूपेश कुमार पांडेय, जोन प्रभारी गंगाराम देशमुख, सेक्टर प्रभारी लोकनाथ निषाद सहित अन्य प्रमुख शामिल हुए। ग्राम पटेल के द्वारा गांव को बंद कराया गया था। पूरे गांव को अंतिम दर्शन के लिए भ्रमण कर बाजे गाजे के साथ उनका मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।

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