DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

2017 से फरार उन्नति चिटफंड का अंतिम आरोपी गिरफ्तार, दल्ली में दर्ज था मामला

बालोद। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी देवार सिंह भुआर्य ने थाना राजहरा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि सन् 2012 में उन्नति रियल स्टेट वेनचर प्रायवेट लिमिटेड/उन्नती ब्रिडिंग एण्ड रियरिंग फार्म्स इंडिया लिमिटेड कंपनी द्वारा नगदी जमा करने पर अधिक ब्याज व विभिन्न योजना,आरडी,एफडी में में रकम दुगुना हो जाना व एजेंट बनकर निवेशकों से रकम लाकर कंपनी में जमा कराओगे तो तुम्हे कमीशन दिया जायेगा कहने पर प्रार्थी द्वारा स्वंय व एजेंट बनकर निवेशकों को कंपनी का स्कीम बताकर पैसा जमा करवाया गया। सन् 2015 में उक्त कंपनी के डायरेक्टर द्वारा चिखलाकसा में खोला गया ऑफिस को बंद कर फरार हो गए थे, जिस पर थाना राजहरा में अपराध क्रमांक 226/2017 धारा 420, 406, 467, 468, 471, 34, 120बी, भादवि छ.ग. निक्षेपकों का सरंक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया था। अपराध पंजीबध्द उपरांत फरार आरोपीयों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा था। उक्त अपराध की गंभीरता को देखते हुऐ पुलिस अधीक्षक बालोद गोवर्धन राम ठाकुर द्वारा प्रकरण के फरार आरोपी की पतासाजी हेतु निर्देशित किया गया था। जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद श्रीमति
प्रज्ञा मेश्राम के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज तिर्की एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश बागडे़ के पर्यवेक्षण एवं सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक श्री दिलेश्वर चन्द्रवंषी, थाना प्रभारी राजहरा श्री अरूण नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम तैयार किया गया। सायबर सेल की टीम के द्वारा तकनीकी विश्लेषण तथा मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर दिनांक 20.05.2022 को दुर्ग, रायपुर रवाना किया गया था, जिस पर टीम द्वारा दिन भर उनके आने जाने वाले स्थानों पर फोकस किया गया व आरोपी को कई घंटो तक इंतजार करने के पश्चात टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपियों के पतासाजी में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी थाना प्रभारी राजहरा निरीक्षक श्री अरूण नेताम आरक्षक पुरन देवांगन, राहुल मनहरे, मिथलेश यादव एवं थाना प्रभारी मोहन नगर उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, आरक्षक सनत भारती, एमन चन्द्राकर की सराहनीय भूमिका रही है। मामले में इस कंपनी से जुड़े 5 डायरेक्टर व सहयोगी आरोपी पूर्व में पकड़े जा चुके हैं।

ये भी पढ़े

You cannot copy content of this page