बालोद/ रायपुर। आईएनआईएफडी रायपुर की विद्यार्थी दीपाली चौधरी और करुणा देवांगन राष्ट्रीय स्तर पर फैशन शो में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने जिले व अपनी राजधानी का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही अपने बनाए हुए डिजाइन गारमेंट्स को मुंबई में मार्च 2022 में होने वाले लक्मे फैशन शो में प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता में देश के करीब 50 से ज्यादा आईएनआईएफडी सेंटर ने भाग लिया था।मगर इन्होंने अपने कलेक्शन आदासी को प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ आदिवासी समुदाय और उसके क्राफ्ट को प्रदर्शित किया है। इस प्रतियोगिता को होस्ट एवं एंकर एक्टर अमन वर्मा के द्वारा किया गया। शेफाली वासुदेव, नीरज गाबा ,हेमांग अग्रवाल ,देवीका घोंसला ने जजमेन्ट किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया और प्राइस ₹10000 दिए गए।
दीपाली चौधरी ने बताया कि मार्च में होने वाले लक्मे फैशन वीक में छह ड्रेस पेश करने का सुनहरा मौका मिलेगा। दोनों अपनी मेहनत एवं कामयाबी पर बेहद खुश एवं गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

दीपाली चौधरी एवं करुणा देवांगन ने बताया कि 10 दिन की कड़ी मेहनत के साथ यह ड्रेस डिजाइन किया एवं तैयार किया गया। फैकल्टी की मदद से खुद ड्रेस सिलाई कर डेमो ड्रेस तैयार की तब खादी और डॉबी फैब्रिक पर मेन ड्रेस को डिजाइन की। इस तरह बस्तर के गोदना आर्ट को दीपाली ने स्वयं अपने हाथों से आकृतियों को उकेरा है। रंगों के माध्यम से प्रदान की हैंड पेंट और स्टैंसिल प्रिंटिंग से बस्तर और गोदना आर्ट को उकेरे हैं।
दीपाली चौधरी प्रारंभ से ही कलात्मक क्षेत्र में रुचि रखने वाली छात्रा रही है, उन्होंने स्कूली छात्र जीवन में भी कई प्रमाण पत्र एवं इनाम अपने नाम किया है। मूलतः अर्जुन्दा की रहने वाली दीपाली चौधरी एवं वैशाली चौधरी दोनों बहने कलात्मक क्षेत्र में रुचि रखती है। इस ड्रेस को आदासी और ग्रामीण कल्चर पर ड्रेस डिजाइनिंग किया है। जिससे विलुप्त हो रही कल्चर को मॉडर्न ट्रेंड से मिक्स करते हुए उन्होंने यह ड्रेस डिजाइन की है। दीपाली,
श्रीमती पुष्पा चौधरी जो कि एक शिक्षिका है, उनकी बड़ी बेटी है। दीपाली चौधरी से बात करने पर बताया कि माता श्रीमती पुष्पा चौधरी शिक्षिका है और उसके पिता धर्मेंद्र कुमार चौधरी जो कि एक व्यवसाई है। उनकी छोटी बहन वैशाली चौधरी जो की पढ़ाई में एवं कला में भी रुचि रखती है ।

दीपाली ने बताया कि माता-पिता के जो सपने होते हैं उसे पूरा करना उनके बच्चों के लिए कर्तव्य होता है और यह मेरे लिए एक सुनहरा मौका है कि मैं अपने माता पिता के सपने को पूरा कर सकूं और यह मुझे अभी प्राप्त हुआ है। दीपाली की उपलब्धि पर उनके माता-पिता बहुत ही खुश और एवं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। अर्जुन्दा नगर का नाम इन्होंने रोशन किया है। इनकी इस उपलब्धि पर इनके परिवार के सभी सदस्य बहुत ख़ुश हैं। उनके परिवार से उनके नाना नेमसिंह साहू( सेवानिवृत प्रिंशिपल) वर्तमान में गुरुर पेंशनर समाज अध्यक्ष,नानी क्लीन्द्री साहू जो कि गुरुर निवासी हैं। मामा दुष्यंत (ग्रंथपाल)मामी,पुष्पा( शिक्षिका) रघुनाथ साहू बड़े पापा प्रिंसिपल भानुप्रतापपुर, बड़ी मम्मी उषा शिक्षिका, मौसी प्रतिमा, कुसुम, प्रमोद क्लर्क ,धनंजय मौसा एवं उनकी बहन वैशाली चौधरी,भूमिका साहू,तृप्ति साहू ,जानू साहू ,भाई डोनाल्ड साहू,भूपेश साहू ,मोनू एवं बाबू ने शुभकामनाएं प्रेषित की है। साथ ही साथ नगर पंचायत अर्जुंदा में रहने वाले उनके शिक्षकों के द्वारा इनकी इस उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई प्रेषित की है।












इधर से उधर- रोहित मालेकर बनाए गए गुरुर के टीआई तो दिलेश्वर चंद्रवंशी साइबर सेल के प्रभारी - Daily Balod News
[…] […]