महिला किसान बनीं बदलाव की ताकत: हितापठार में नाबार्ड के सहयोग से महिला दिवस आयोजन, समूहों का सम्मान और सिलाई प्रशिक्षण शुरू



बालोद। बालोद जिले के डौंडी लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम हितापठार में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से “महिला किसान” थीम पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट (SIRD) के माध्यम से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला किसान एवं ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं।

कार्यक्रम की शुरुआत SIRD के सचिव श्री एस.के. खरे द्वारा अतिथियों एवं ग्रामीणों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने क्षेत्र में संचालित जलग्रहण एवं हरित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरसेटी (RSETI) के स्टेट डायरेक्टर श्री अशोक सिंह ने गांव में सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) की स्टेट हेड मंजीत बल ने महिला किसानों को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री सौभाग्य रंजन साहू ने महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को उन्नत बनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट द्वारा आस्था स्व सहायता समूह कमकापार एवं बूढ़ादेव स्व सहायता समूह हितापठार को जैविक कीटनाशक एवं जैविक खाद का उत्पादन कर लगभग 800 किसानों को जैविक उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही महिला विकास के क्षेत्र में सक्रिय 10 महिलाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पुनीतराम गोटा (अध्यक्ष, जलग्रहण समिति हितापठार) एवं संतराम खरे (अध्यक्ष, जलग्रहण समिति कमकापार) को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान आरसेटी के जिला अधिकारी श्री हेमंत ने भी सिलाई प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि नाबार्ड द्वारा दोनों जलग्रहण परियोजनाओं के अंतर्गत महिलाओं को 25 सिलाई मशीनें प्रदान की गई हैं, जिससे उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने लोक एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी खुशी व्यक्त की।

अंत में परियोजना प्रभारी श्री सतेन्द्र कुमार सिन्हा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला समन्वयक प्रतिमा साहू, सौरभ दास, रोशन लाल, पन्ना लाल तथा जलग्रहण समिति के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

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