श्री संत शिरोमणि सेन जी महाराज के आदर्शों से प्रेरित होकर समाज को मजबूत बनाने का लिया संकल्प
बालोद। श्री संत शिरोमणि सेन जी महाराज के आदर्शों एवं समाज के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ नाई सेन समाज इकाई केन्द्र ज./सांकरा द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सेन जी महाराज एवं माता नारायणी की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
संगठन, शिक्षा और नेतृत्व क्षमता पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने समाज के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
- श्री जगन सेन ने संगठन की मजबूती और सामाजिक एकजुटता पर प्रकाश डाला।
- श्री गोपेन्द्र कौशिक ने शिक्षा एवं युवाओं की भूमिका को समाज निर्माण का आधार बताया।
- श्री लोचन सेन ने व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता के महत्व पर विचार साझा किए।
- श्री भरत सेन ने सामाजिक जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्कार, सामाजिक चिंतन और सहभागिता पर विशेष सत्र
दोपहर बाद आयोजित सत्रों में—
- श्री राज हंस भारद्वाज ने संस्कार एवं अनुशासन विषय पर मार्गदर्शन दिया।
- श्री प्रवीण कुमार कौशिक ने सामाजिक चिंतन पर अपने विचार रखे।
- श्री नारद राम सेन ने वार्षिक गतिविधियों एवं संगठनात्मक कार्यों की जानकारी साझा की।
- श्री संतोष कौशिक ने राजनीतिक एवं सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में शिक्षा और संस्कार को बताया समाज की शक्ति
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रकाश सेन, श्रीमती पुष्पा बाई सेन, श्री रवि सेन, श्री अशोक सेन, श्री महेन्द्र सेन, श्रीमती माहेश्वरी सेन, श्री धानी सेन एवं श्री सेतुलाल सेन ने की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि समाज की उन्नति शिक्षा, संगठन और संस्कार के समन्वय से ही संभव है। समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर विकास के लिए निरंतर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।










