DAILY BALOD NEWS

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नाबालिग की गला घोंटकर हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद का फैसला, अपहरण और साक्ष्य मिटाने के मामले में भी सुनाई सजा

बालोद। जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद की द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर ने नाबालिग की गला घोंटकर हत्या के चर्चित मामले में आरोपी गजेन्द्र साहू (24 वर्ष), निवासी ग्राम मोंगरी, थाना गुण्डरदेही को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी को धारा 363 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत भी तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह निर्णय 28 जुलाई 2026 को पारित किया गया।

दोस्तों के साथ बाजार जाने के बाद लापता हुआ था नाबालिग

अभियोजन के अनुसार प्रार्थिया श्रीमती गौरी बाई साहू ने 21 मार्च 2024 को थाना गुण्डरदेही में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 16 वर्षीय पुत्र हिमेश कुमार साहू 20 मार्च की शाम अपने दोस्त और गजेन्द्र साहू के साथ मोटरसाइकल से ग्राम सांकरी बाजार भजिया खाने जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा।

पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। मामला नाबालिग से संबंधित होने के कारण अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 363 के तहत अपराध दर्ज किया गया। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ के बावजूद बालक का कोई सुराग नहीं मिला।

रेत में दबा मिला था शव

जांच के दौरान 23 मार्च 2024 को ग्राम मोंगरी के रघुवर भर्री मंदिर के पास नाले की रेत में दबा एक शव मिलने की सूचना ग्राम पंचायत मोंगरी के सरपंच पति सुरेश कुमार साहू ने पुलिस को दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने शव की पहचान हिमेश कुमार साहू के रूप में की।

पूछताछ में खुला हत्या का राज

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी गजेन्द्र साहू और एक विधि से संघर्षरत बालक से पूछताछ की। मेमोरेंडम कथन में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। जांच पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 302 एवं 201/34 भारतीय दंड संहिता के तहत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

विशेष लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी

प्रकरण की ओर से शासन का पक्ष विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।

प्रकरण की विवेचना निरीक्षक सुनील तिर्की द्वारा की गई।

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