साईं ट्रस्ट पर ना करें ट्रस्ट(भरोसा),,,,गुरुर ब्लॉक में भी हुई है लाखों की ठगी, दूसरे जिले में आरोपी पकड़ाने के बाद दफ्तर छोड़ फरार हुए कर्मचारी, पुलिस प्रशासन जुटी जांच में,पढ़िए पूरा मामला



महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने भी की अपील- ठगी की शिकार लोग कर सकते हैं थाने में शिकायत

बालोद/ गुरुर। इन दिनों पूरे छत्तीसगढ़ में साईं ट्रस्ट छत्तीसगढ़/ उड़ीसा की कंपनी के द्वारा महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला गरमाया हुआ है। जहां लगभग 5 दिन पूर्व मुंगेली में इस केस में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए थे तो वही बेमेतरा जिले में चार हिरासत में लिए गए तो अन्य जिलों में भी एक-एक कर आरोपियों को पुलिस पकड़ रही है। इस बात की भनक लगने के बाद बालोद जिले के गुरुर ब्लाक के ग्राम भरदा में संचालित उक्त दफ्तर के कर्मचारी भी फरार हो गए हैं। लोगों द्वारा इस तरह से ठगी की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी मामले की जांच में पहुंची थी। दफ्तर को सील किया गया है। छानबीन चल रही है। इधर खुद जिला महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी हरि कीर्तन राठौर द्वारा मीडिया के जरिए अपील जारी की गई है कि इस तरह की किसी भी कंपनी को भर्ती के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है ना हीं विभाग की ओर से ऐसी कोई प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा है कि अगर किसी के साथ भी ठगी हुई है तो साईं ट्रस्ट के नाम से थाने में शिकायत कर सकते हैं। इधर जानकारी के मुताबिक गुरुर ब्लॉक के कई पंचायतों से आंगनबाड़ी सहायिका, कार्यकर्ताओं से लाखों की ठगी हो चुकी है हालांकि अब तक लोग बड़े स्तर पर शिकायत के लिए थाने नहीं पहुंचे। कुछ जागरूक लोगों ने मामले की शिकायत एसडीएम से मौखिक तौर पर की थी। जिसके बाद प्रशासनिक अमला भरदे में संचालित दफ्तर में जांच के लिए पहुंचा हुआ था।

किसी भी संस्था द्वारा बेबी फूड प्रदाय एवं कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक भर्ती के लिए पैसे लेने की शिकायत कर सकते हैं पुलिस थाना में

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिकीर्तन राठौर ने बताया कि सांई ट्रस्ट के नाम से कुछ संस्थाओं द्वारा जिले अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रों में महिला बाल विकास विभाग में कार्य दिलाए जाने के नाम पर एवं कुपोषित बच्चों का सर्वे कर कुपोषण मुक्त करने के लिए बेबी फूड प्रदाय करने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों की पैसा लेकर नियुक्ति करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि छ.ग.शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस प्रकार का कोई भी निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की संस्था से लोग दूर रहें एवं इस प्रकार की कोई संस्था अगर बेबी फूड प्रदाय, सर्वे एवं कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक भर्ती के नाम पर पैसे ले रही हो तो इसकी शिकायत पुलिस थाना में कर सकते हैं।

मुंगेली में नौकरी लगवाने का लालच देकर ऐंठे 10 लाख, मगर नहीं लगी जॉब, 5 हुए हैं गिरफ्तार

5 दिन पहले मुंगेली जिले में कुछ लोगों ने ओडिशा के नामी ट्रस्ट के नाम पर लोगों को ठग लिया है। ये यहां पर एक ऑफिस खोलकर बैठे थे। लोगों से वादा करते थे कि हम आपकी नौकरी जरूर लगवा देंगे, लेकिन इसके लिए कुछ पैसे लगेंगे। इस तरह इन्होंने यहां कई लोगों से 10 लाख रुपए ठग लिए। फिर भी किसी की नौकरी नहीं लगी। अब जब मामले में एक पीड़िता ने शिकायत की तो 5 गिरफ्तार किए गए हैं। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
इस ठगी का राज तब खुला जब इस संबंध में पीड़िता प्रतिमा पात्र ने मामले की शिकायत की। प्रतिमा ने बताया कि कुछ समय पहले सांई ट्रेस्ट के भरत चौहान, राहुल चौहान, दिलीप सोनवानी, रोहित चौहान, भरत कुमार पटेल और राम कुमार गंधर्व से उसकी मुलाकात हुई थी। उसने बताया कि राम कुमार ही इस ट्रस्ट का संचालन करता था। प्रतिमा ने अपनी शिकायत में कहा कि राम कुमार ने उसे वादा किया था कि ग्राम पंचायत सहायिका के पद पर उसकी नौकरी लगवा देगा। इसके बदले राम कुमार ने उससे 90 हजार लिए। मगर काफी दिन बीत जाने के बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी। ऐसे में उसे एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। इस शिकायत के बाद पुलिस ने संस्था के गोविंद पेट्रोल पंप के पास स्थित ऑफिस में दबिश दी और राहुल, रोहित, भरत, दिलीप और भरत पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया है। साथ ही बताया है कि हमने इसी तरह से कई लोगों को वादा किया था कि हम उनकी नौकरी लगावा देंगे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि हमने इसी तरह से कई लोगों से कुल 10 लाख रुपए ठगे थे। इसके अलावा दूसरे जिलोंं में भी अपनी ठगी की है।

आरोपियों ने बताया कि हम सभी भागने की फिराक में थे ही कि पुलिस ने दबिश दी और इन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मुंगेली राम कुमार गंधर्व अभी फरार है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उस मकान को भी सील कर दिया है जिस मकान से इस संस्था का संचालन किया जा रहा था। पुलिस अभी इस केस में जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से पूछताछ के बाद और भी कई खुलासे होंगे। ट्रस्ट के अधिकारियों से भी इस केस में पूछताछ की जा सकती है। मुंगेली में हुई इस गिरफ्तारी के तार बालोद जिले से भी जुड़े हैं और वहां गिरफ्तारी के बाद यहां भी कर्मचारी अलर्ट हो गए हैं और दफ्तर छोड़कर फरार हो गए हैं। इसलिए प्रशासन ने भी अपील की है कि जो भी पीड़ित या शिकायतकर्ता है थाने आकर अपनी समस्या जरूर बताएं ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। गुरुर के भरदा गांव में इनका दफ्तर लगभग 2 माह से संचालित था।

जानिए सांई ट्रस्ट क्या है

सांई ट्रस्ट ओडिशा के कई जिलों में काम कर रही है। ये ट्रस्ट समाज में अलग-अलग विषय पर काम करती है। खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के विषय पर इस संस्था का फोकस है। साथ ही छत्तीसगढ़ के भी कई जिलों में इस संस्था ने अब काम करना शुरू किया है। कुछ समय पहले इसी संस्था ने प्रदेश में बच्चों को हेल्दी बेबी फूड देने का दावा किया था। उस दौरान यह भी बताया गया था कि इस संस्था ने ओडिशा में भी कई बच्चों को इस तरह का बेबी फूड निशुल्क प्रदान कर चुकी है। इस संस्था का हेड ऑफिस ओडिशा के नयागढ़ में है।

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