जरा इस योजना पर भी ध्यान दो सरकार- बालोद जिले में पीएम आवास योजना की राशि 3 साल में भी ना मिलने से बेटे ने लगा ली फांसी, पिता की पहले हो चुकी मौत, पढ़िए सिस्टम की लाचारी व मार्मिक कहानी



बालोद/गुरुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम कोचवाही में हृदय विदारक घटना सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना जो गरीबों के आशियाने बनाने के लिए चर्चित है, पर इस योजना में समय पर पैसा जारी नहीं होता यह भी एक विडंबना है और यही कारण है कि कई लोग जिनके आवास स्वीकृत हुए हैं या तो कर्ज पर मकान बना रहे हैं या कर्ज तले दबे हुए हैं। सरकारी पैसा अब तक नहीं आया है। इसके चलते उन्हें कई तरह से आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही। जब परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि जीना मुहाल हो जाए तो लोग अपना जीवन समाप्त भी करने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसी ही एक घटना गुरुर के कोचवाही के अमली पारा में हुई। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा 3 साल में भी नहीं आने के कारण एक बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जंगल में उसने फांसी लगाई थी। गांव के सरपंच केकती बाई सिन्हा का भी कहना है कि मृतक शित कुमार नेताम उम्र 26 वर्ष के पिता की मौत पहले बीमारी की वजह से हो चुकी थी। उस समय आवास उनके पिता के नाम से स्वीकृत है। तब से सिर्फ एक ही क़िस्त जारी हुआ था। बांकी कोई क़िस्त तो नहीं आया था। कर्ज लेकर उधारी में उनका बेटा मकान बनवाया था। कर्जदार उसे पैसा देने तंगा रहे थे। शीत कुमार बार-बार मेरे पास भी आता था। कहता था दीदी आवास का पैसा तो दिलवा दो। पर मैं क्या कर सकती थी यह तो सरकार की योजना है। पैसा तो शासन से ही आना रहता है। मैंने भी अपने स्तर पर बहुत प्रयास किया पर पैसा आया ही नहीं। सरपंच ने बताया कि जब मृतक के पिता का निधन हुआ तो नॉमिनी में किसी का नाम नहीं था इस वजह से भी शुरुआत में अगला क़िस्त जारी नहीं हुआ था। बाद में नॉमिनी में नाम जोड़ा गया पर पैसा इस योजना में अब तक नहीं आया। इससे तंग आकर शीत कुमार ने आत्महत्या कर ली। घटना 2 दिन पहले की है। शनिवार को मृतक का तीज नहावन है। इस योजना के तहत ग्रामीण हितग्राहियों को ₹125000 मिलते हैं । पर मृतक परिवार को योजना में पहली किस्त के रूप में सिर्फ 25000 ही मिले थे।

पिछले सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत हुआ था आवास
जानकारी के मुताबिक दो साल पूर्व, पूर्व सरपंच भुनेश्वरी यादव के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास मिला था। लेकिन तीन साल गुजर जाने के कारण अभी तक उन्हे राशि नहीं मिला है। लव कुमार नेताम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास में मात्र उन्हे एक किश्त 25हजार रुपये मिला है बाकी अभी तक रुका हुआ है। सामग्री वाले उन्हे बार बार राशि मांगने घर में आता था। शीत कुमार नेताम सामग्री वाले को कहता था जब राशि मिलेगा तो आपके सामग्री की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन तीन साल गुजर जाने के कारण सभी लोग परेशान थे। कई बार जनपद के चक्कर लगाते थक गये थे। जिसके कारण आत्महत्या करने मजबूर हो गये और जंगल मे जाकर आत्महत्या कर लिया। तीन साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था। अब केवल उनकी मां है। पुरुर एस आई रुपेश्वर भगत ने बताया कि परिजनों ने कथन दिया है कि प्रधानमंत्री आवास का राशि नहीं मिलने के कारण शीत कुमार ने आत्महत्या किया है। पूर्व सरपंच भुनेश्वरी यादव ने बताया कि मेरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास मिला था लेकिन राशि नहीं मिलने के कारण परिवार दूसरे के घर में तीन साल से गुजर बसर कर रहा था। राशि नही मिलने के आत्महत्या करने मजबूर हो गया। सरपंच केकती सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास शीत कुमार के पिता स्व रामचरण नेताम के नाम से था लेकिन उनके पत्नि के नाम से आना था ।जनपद में जाने से ऐसा नही होता कहकर आवास मित्र टाल देते थे। अब उनकी पत्नि रुखमणी नेताम के नाम मे हो गया है। तो दूसरी किस्त आ सकता है। पर इधर उनके बेटे ने सभी परेशानियों से तंग आकर आत्महत्या कर ली जो दुखद घटना है। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

One thought on “जरा इस योजना पर भी ध्यान दो सरकार- बालोद जिले में पीएम आवास योजना की राशि 3 साल में भी ना मिलने से बेटे ने लगा ली फांसी, पिता की पहले हो चुकी मौत, पढ़िए सिस्टम की लाचारी व मार्मिक कहानी”

Comments are closed.

You cannot copy content of this page