शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल की सजा

पॉक्सो कोर्ट बालोद का बड़ा फैसला, दोषी पर कई धाराओं में हुआ दंड

बालोद। नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पॉक्सो कोर्ट बालोद ने कठोर सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की अदालत ने आरोपी दीपक कुमार दुग्गा को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

निर्णय दिनांक 23 मई 2026 को सुनाया गया।


इन धाराओं में सुनाई गई सजा

न्यायालय द्वारा आरोपी दीपक कुमार दुग्गा, निवासी डुटामारदी थाना राजहरा जिला बालोद को:

  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड,
  • धारा 87 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड,
  • लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड

से दंडित किया गया।


घर से लापता हुई थी नाबालिग

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार, 19 अगस्त 2025 की रात लगभग 11 बजे नाबालिग पीड़िता अपने घर से बिना बताए चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी नहीं मिलने पर 20 अगस्त 2025 को पीड़िता की मां ने थाना राजहरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

इस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।


जांच में सामने आया दुष्कर्म का मामला

विवेचना के दौरान पीड़िता को उसके माता-पिता द्वारा थाना लाया गया, जहां उसका कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी उसे अपने घर ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता के बयान एवं जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।


निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय और नवीन बोरकर ने की विवेचना

मामले की विवेचना निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय एवं निरीक्षक नवीन कुमार बोरकर द्वारा की गई। जांच पूर्ण होने के बाद 26 सितंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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