बालोद, 07 जुलाई 2026।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत गुण्डरदेही की 117 ग्राम पंचायतों में संचालित ‘जल संरक्षण जनभागीदारी अभियान’ की सफलता पहली ही मानसूनी बारिश में दिखाई देने लगी है। अभियान के तहत बनाए गए नवा तरिया, ट्रेंच, परकोलेशन टैंक, आजीविका डबरी, चेकडेम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी जल संरचनाएं पानी से लबालब भर गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 24 अप्रैल 2026 को शुरू किए गए ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत गुण्डरदेही में कुल 23,575 जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए। इन संरचनाओं में वर्षा जल का भराव शुरू होने से अभियान की प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से सामने आई है।
अभियान के तहत रिज टू वेली मॉडल पर तवेरा नाला का पुनरुद्धार भी किया गया है, जिससे वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेंच और परकोलेशन टैंकों में पानी रुकने से हैंडपंप, बोरवेल, तालाब और नालों का जलस्तर भी सुधरेगा, जिससे गर्मी के दिनों में जल संकट कम होगा।

आजीविका डबरियों और तालाबों में जल संग्रह होने से किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही मछली पालन और सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने भी श्रमदान और सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासन का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में जल संकट कम करने, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाने और किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।











