बालोद। जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सोमवार को हुई तेज वर्षा के बाद नदियां और छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर पुल-पुलियों और नालों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं खेतों में पर्याप्त पानी भरने से किसानों के चेहरों पर खुशी है और खरीफ फसलों की बुआई एवं रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार 6 जुलाई 2026 को जिले में औसतन 68.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 114.9 मिमी बारिश देवरी (मारी बंगला) क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा डौण्डीलोहारा में 79.1 मिमी, गुरूर में 68.2 मिमी, गुण्डरदेही में 66.0 मिमी, अर्जुन्दा में 63.4 मिमी, बालोद में 55.8 मिमी तथा डौण्डी में 34.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
1 जून से अब तक 277.3 मिमी औसत वर्षा
जिले में 1 जून से 6 जुलाई 2026 तक औसतन 277.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सर्वाधिक 359.9 मिमी वर्षा देवरी (मारी बंगला) में तथा सबसे कम 183.9 मिमी वर्षा डौण्डी तहसील में दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले पूरे वेग से बह रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे नालों के ऊपर से पानी बहने से लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने से बचने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
वहीं पर्याप्त वर्षा होने से किसानों को धान की बुआई और रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिली हैं, जिससे खरीफ सीजन की कृषि गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।












