बालोद कोर्ट का बड़ा फैसला: हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
बालोद। जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद ने युवती की गला घोंटकर हत्या के मामले में आरोपी अगेश्वर साहू (39 वर्ष) निवासी नर्राटोला रामनगर बिजलीपारा, थाना डौण्डी, जिला बालोद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या के अपराध में 500 रुपये अर्थदंड तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(8) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 200 रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
यह फैसला 03 जुलाई 2026 को प्रधान सत्र न्यायाधीश एस.एल. नवरत्न की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार प्रार्थी संतराम यादव ने थाना डौण्डी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 जनवरी 2025 की रात उनकी पुत्री धनेश्वरी यादव अपने कमरे में सोई थी। अगले दिन सुबह कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। दरवाजा खोलने पर धनेश्वरी मृत अवस्था में मिली और उसके गले पर रस्सी से गला घोंटने के निशान पाए गए।
मर्ग जांच और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अगेश्वर साहू के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को हत्या एवं साक्ष्य से जुड़े अपराधों का दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक उमा ठाकुर ने की थी। न्यायालय के इस फैसले को हत्या जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।











