बच्चों ने बनाए नागदेवता के चित्र, पूजा-अर्चना कर प्रसाद का किया वितरण; शिक्षकों ने बताया प्रकृति संरक्षण का महत्व
डौण्डीलोहारा। विकासखंड के रेंगाडबरी स्थित प्राथमिक शाला में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को नागपंचमी का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में बच्चों को नागपंचमी के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नागदेवता के आकर्षक चित्र बनाए और उनमें गुलाल लगाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद नारियल, इलायची एवं दाना का प्रसाद वितरित किया गया।
बच्चों को प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नागपंचमी पर्व की परंपरा एवं महत्व के बारे में जानकारी देते हुए सर्पों और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता एवं संरक्षण की भावना विकसित करना आवश्यक है।
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी मनाई जाती है। इस अवसर पर नागदेवता की पूजा की परंपरा है।

कार्यक्रम में प्रधान पाठक राजीव नयन शर्मा, शिक्षक डोमेन्द्र साहू, रामजी साहू, दिनेश कुमार जगनायक सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में सभी की सक्रिय सहभागिता रही।
— नेमन साहू, रेंगाडबरी











