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875 से अधिक आईगॉट कर्मयोगी कोर्स पूरे करने और देहदान के संकल्प पर शिक्षामंत्री के हाथों सम्मानित हुए लाल रघुवीर सिंह ठाकुर

15 अगस्त समारोह में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित; नियमित रक्तदान कर 27 लोगों के जीवन बचाने में निभा चुके हैं योगदान

बालोद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बालोद जिले के लाल रघुवीर सिंह ठाकुर को उल्लेखनीय सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

लाल रघुवीर सिंह ठाकुर ने आईगॉट कर्मयोगी (iGOT Karmayogi) डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पर 875 से अधिक कोर्स पूरे कर प्रमाण-पत्र प्राप्त किए हैं। उनके इस निरंतर सीखने और कौशल विकास के प्रयास को भी सम्मान का प्रमुख आधार बनाया गया।

मरणोपरांत देहदान का लिया संकल्प

लाल रघुवीर सिंह ठाकुर ने 7 मार्च 2022 को पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में मरणोपरांत देहदान करने का संकल्प लिया था। उनका यह निर्णय समाज में मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के प्रति योगदान की भावना को दर्शाता है।

2017 से नियमित रक्तदान, 27 लोगों के जीवन बचाने में योगदान

सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी लाल रघुवीर सिंह ठाकुर लगातार सक्रिय रहे हैं। वे वर्ष 2017 से प्रत्येक तीन माह में रक्तदान करते आ रहे हैं। अब तक उनके रक्तदान से 27 जरूरतमंद लोगों के जीवन बचाने में योगदान देने की जानकारी सामने आई है।

डिजिटल सीखने में भी बनाया उल्लेखनीय रिकॉर्ड

आईगॉट कर्मयोगी भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी से जुड़ा डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों की क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक नीति, नेतृत्व, नैतिकता, साइबर सुरक्षा, संचार कौशल सहित विभिन्न विषयों से संबंधित ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

लाल रघुवीर सिंह ठाकुर ने इन पाठ्यक्रमों में निरंतर सहभागिता करते हुए 875 से अधिक कोर्स पूरे किए, जो उनके सीखने की निरंतरता और आत्म-विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सेवा और सीखने की मिसाल

रक्तदान, देहदान का संकल्प और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से लगातार अपने ज्ञान एवं कौशल को बढ़ाने की उनकी पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान उनके सेवा, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना को प्रोत्साहित करने वाला है।

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