‘10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान’ के तहत तरोद, खेरथाडीह, अमलीडीह, मनोद, कोहंगाटोला और खुरसीपार में जागरूकता कार्यक्रम

बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वावधान में संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी के पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान’ के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तरोद, खेरथाडीह, अमलीडीह, मनोद, कोहंगाटोला एवं खुरसीपार में ग्रामीणों को नशे से दूर रहने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई।
कार्यक्रम बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी के मार्गदर्शन तथा बी.के. सरिता दीदी, बी.के. नेहा दीदी, बी.के. पूर्णिमा दीदी एवं बी.के. मनीष भाई के प्रतिनिधित्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के साथ-साथ इससे बचने और नशामुक्त जीवन अपनाने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
सकारात्मक सोच और अच्छी आदतों से नशे से मुक्ति का संदेश

बी.के. सरिता दीदी ने नशे की शुरुआत, उसके कारण, दुष्परिणाम और समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे की आदत से बाहर निकलना कठिन जरूर है, लेकिन अच्छी आदतों का विकास, सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता, सकारात्मक चिंतन और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़कर नशामुक्त जीवन की ओर बढ़ा जा सकता है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को भी मन को सकारात्मक एवं मजबूत बनाने का माध्यम बताया।
बी.के. नेहा दीदी ने नशे की तुलना दलदल से करते हुए कहा कि जिस प्रकार दलदल से बाहर निकलने के लिए मजबूत सहारे की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आध्यात्मिक ज्ञान और ईश्वर की स्मृति को नशामुक्त जीवन का सकारात्मक सहारा बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्रों में निःशुल्क सिखाया जाता है।
बी.के. मनीष भाई ने कहा कि नशे की ओर बढ़ने का एक प्रमुख कारण मन की कमजोरी भी हो सकती है। मन को मजबूत बनाकर व्यक्ति अपनी आदतों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
20 अगस्त तक चलेगा अभियान
गौरतलब है कि ‘10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान’ 4 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक पूरे भारत में चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत बालोद सेवा केंद्र द्वारा विकासखंड के विभिन्न उच्च प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तथा ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति जागरूकता और प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान में बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी के मार्गदर्शन में बी.के. सरिता दीदी, बी.के. पूर्णिमा दीदी, बी.के. नेहा दीदी सहित भोपसिंह साहू, मनीष वैदे, पी.आर. सुधाकर, ईश्वर लाल उईके, कमलेश साहू, जगदीश पटेल, भूआर्य जी, टिकेंद्र नाथ योगी, युवराज कौशिक, खिलावन साहू, मोहन सेन, गणेश विश्वकर्मा, भूषण गोयल, तरुण साहू, धीरेंद्र देवांगन, श्रवण साहू, कुलपत साहू, चिमन साहू, चेतन सोनवानी, श्रद्धा सोनवानी, चंद्रिका साहू, गोपी भाई, रोहिणी साहू, हेमीन गोयल, चित्ररेखा चंद्राकर, प्रीति पटेल, दीपा शर्मा, डोमेश्वरी, मोनिका कौशिक एवं पलक सहित अनेक स्थानीय भाई-बहन अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प से जोड़ना है।







