DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

शिक्षक भर्ती में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को पात्रता देने की मांग

दृष्टिबाधित विकास संघ ने शिक्षा सचिव और मुख्य सचिव से की मुलाकात, शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

रायपुर, 17 अगस्त 2026। वर्तमान शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को समान अवसर एवं पात्रता प्रदान करने की मांग को लेकर दृष्टिबाधित विकास संघ, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों एवं समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

शिक्षा सचिव के समक्ष रखा पक्ष

प्रतिनिधिमंडल ने महानदी भवन, मंत्रालय, रायपुर में शिक्षा सचिव श्री कमलप्रीत से मुलाकात कर वर्तमान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को पात्रता से वंचित किए जाने के विषय में विस्तार से चर्चा की। संघ ने कहा कि प्रदेश में अनेक पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थी आवश्यक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताएं पूरी करने के बावजूद शिक्षक भर्ती में अवसर से वंचित हो रहे हैं।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव श्री विकास शील से भी मुलाकात कर पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के सामने शासकीय सेवाओं में आ रही बाधाओं की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के समक्ष भी इस संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल की शिक्षा मंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हो सकी।

योग्यता के आधार पर मिले रोजगार का अवसर

संघ ने बताया कि प्रदेश में अनेक पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थी D.Ed., B.Ed., CTET एवं CG TET जैसी आवश्यक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताएं हासिल कर चुके हैं। संघ के अनुसार आधुनिक तकनीकी युग में पूर्ण दृष्टिबाधित व्यक्ति स्क्रीन रीडर, ब्रेल, स्मार्टफोन, कंप्यूटर एवं अन्य सहायक तकनीकों का उपयोग करते हुए शिक्षण सहित विभिन्न शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम हैं।

संघ ने कहा कि किसी अभ्यर्थी की दृष्टिबाधिता को उसकी योग्यता एवं कार्यक्षमता का एकमात्र मापदंड नहीं बनाया जाना चाहिए। निर्धारित योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को केवल दृष्टिबाधिता के आधार पर रोजगार के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

2026 में चिन्हांकित पदों की पुनर्समीक्षा की मांग

दृष्टिबाधित विकास संघ ने वर्ष 2026 में दिव्यांगजन के लिए प्रकाशित चिन्हांकित पदों की सूची की पुनर्समीक्षा करने की मांग भी रखी। संघ का कहना है कि पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और आधुनिक सहायक तकनीकों के उपयोग की क्षमता को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अधिक से अधिक शासकीय पद चिन्हांकित किए जाने चाहिए।

संघ ने वर्ष 2014 में राज्य शासन द्वारा प्रकाशित राजपत्र तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना एवं प्रावधानों के अनुरूप पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को शासकीय सेवाओं में समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।

वर्तमान शिक्षक भर्ती में शामिल करने की मांग

संघ की प्रमुख मांग है कि वर्तमान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता रखने वाले पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आवेदन एवं चयन प्रक्रिया में शामिल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अलावा अन्य शासकीय विभागों में भी उनकी योग्यता एवं कार्यक्षमता के अनुरूप रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई।

संघ ने भविष्य की सभी शासकीय भर्तियों में दिव्यांगजन के लिए चिन्हांकित पदों की समीक्षा करते समय पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों की वास्तविक कार्यक्षमता और आधुनिक सहायक तकनीकों को ध्यान में रखने की मांग की।

सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि शासन सामाजिक न्याय, समान अवसर, संवैधानिक अधिकार एवं समावेशी विकास की भावना को ध्यान में रखते हुए पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।

इस अवसर पर दृष्टिबाधित विकास संघ, छत्तीसगढ़ के महासचिव राजेंद्र कुमार बेहरा, कार्यकारिणी सदस्य अवतार गुप्ता, दामोदर बेहरा एवं अरविंद शर्मा उपस्थित रहे।

— दृष्टिबाधित विकास संघ, छत्तीसगढ़, रायपुर

You cannot copy content of this page