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बालोद जेल प्रहरी के लापता होने से मचा हड़कंप, 8 पन्नों के पत्र में गंभीर आरोप; जेल प्रशासन ने मोबाइल बरामदगी पर रखा अपना पक्ष

13 अगस्त से महेंद्र वर्मा लापता, परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज; बंदी के पास मोबाइल मिलने की घटना को लेकर जांच जारी

बालोद। जिला जेल बालोद में पदस्थ जेल प्रहरी महेंद्र कुमार वर्मा के 13 अगस्त 2026 को ड्यूटी पर आने के बाद अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। उनके लापता होने के बाद परिजनों द्वारा पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब उनकी स्कूटी की डिक्की से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित आठ पन्नों का एक पत्र मिलने की जानकारी सामने आई। पत्र में महेंद्र वर्मा ने जेल प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर मानसिक दबाव और प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

ड्यूटी पर पहुंचे, लेकिन जेल के भीतर नहीं गए

जानकारी के अनुसार 13 अगस्त को महेंद्र वर्मा ड्यूटी के लिए जिला जेल पहुंचे थे। इसके बाद वे जेल परिसर के बाहर से ही कहीं चले गए और वापस नहीं लौटे। लापता होने से पहले उन्होंने अपने भांजे को वीडियो भेजकर स्कूटी की डिक्की में एक पत्र रखे होने की जानकारी दी थी। परिजनों ने स्कूटी की डिक्की से पत्र बरामद होने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी और उनकी तलाश के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पत्र में अधिकारियों पर दबाव और प्रताड़ना के आरोप

महेंद्र वर्मा के नाम से सामने आए पत्र में जेल के भीतर एक बंदी से मोबाइल बरामद होने की घटना का उल्लेख किया गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि मोबाइल मिलने की घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा था और इस मामले को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था। पत्र में कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने तथा संबंधित घटनाओं की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार को लेकर भी पत्र में किया गया उल्लेख

पत्र में महेंद्र वर्मा ने अपने परिवार और बच्चों को लेकर भी भावनात्मक बातें लिखी हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर अपनी इच्छाओं का उल्लेख किया है। पत्र के कुछ हिस्सों में परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कारण परिजन और पुलिस दोनों उनकी सुरक्षित तलाश को लेकर गंभीरता से जुटे हुए हैं।

जेल प्रशासन ने मोबाइल बरामदगी को लेकर दी जानकारी

इधर 17 अगस्त 2026 को सहायक जेल अधीक्षक, जिला जेल संजारी बालोद की ओर से जेल में विचाराधीन बंदी के पास से मोबाइल बरामद होने की घटना के संबंध में जानकारी साझा की गई। जेल प्रशासन के अनुसार 12 अगस्त को जानकारी मिलने के बाद विचाराधीन बंदी की तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से मोबाइल बरामद किया गया। पूछताछ में बंदी ने कथित रूप से बताया कि मोबाइल उसे जेल प्रहरी महेंद्र कुमार वर्मा ने दिया था।

जेल प्रशासन का कहना है कि जिला जेल की सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी इस संबंध में पुष्टि होने की बात सामने आई है। इसके बाद 13 अगस्त को महेंद्र वर्मा के अपना वाहन छोड़कर चले जाने की जानकारी जेल अधीक्षक द्वारा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित थाना प्रभारी को दी गई।

पुलिस जांच से सामने आएगी पूरे मामले की वास्तविकता

फिलहाल इस मामले में दो महत्वपूर्ण पहलू सामने हैं—एक ओर महेंद्र वर्मा के लापता होने और उनके पत्र में लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जेल प्रशासन ने बंदी के पास से मोबाइल बरामद होने तथा सीसीटीवी फुटेज में घटना की पुष्टि होने का अपना पक्ष रखा है। दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महेंद्र वर्मा की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।

नोट: महेंद्र वर्मा के पत्र में लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं; उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संबंधित अधिकारियों या व्यक्तियों की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले दोष सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

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