बालोद। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) रायपुर, समग्र शिक्षा कार्यालय एवं अह्वान ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में बालोद जिले के 99 विद्यालयों में संचालित बालवाड़ी कार्यक्रम (प्रोजेक्ट बुनियाद) के अंतर्गत जिला संसाधन समूह (डीआरजी) सदस्यों की एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए अकादमिक रणनीति और कार्यक्रम की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे एवं जिला मिशन समन्वयक अवन जांगड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। बैठक का नेतृत्व एपीसी होमन देशमुख एवं राजेंद्र कुमार देवांगन ने किया, जबकि अह्वान ट्रस्ट की ओर से तुकाराम टेखरे और प्रेम नारायण वर्मा ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसीसी भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले के सभी 22 जिला संसाधन समूह (डीआरजी) सदस्यों ने भाग लिया। इन सदस्यों द्वारा विद्यालयों में नियमित अकादमिक सहयोग एवं मेंटरिंग प्रदान की जा रही है।
शिक्षण गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
बैठक में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालयों की तैयारी, बाल-अनुकूल वातावरण का निर्माण, शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने, स्थानीय शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के उपयोग, कक्षा अवलोकन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा वर्ष 2026-27 के शिक्षक व्यावसायिक विकास एवं प्रशिक्षण कैलेंडर पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीआरजी निभाएंगे सक्रिय भूमिका
बैठक में निर्णय लिया गया कि डीआरजी सदस्य विद्यालयों में नियमित कक्षा अवलोकन करेंगे, शिक्षकों को शैक्षणिक मार्गदर्शन देंगे, व्हाट्सएप आधारित पीयर लर्निंग समूहों का संचालन करेंगे तथा ज़ूम मास्टरक्लास और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देंगे। इसके माध्यम से बालवाड़ी कार्यक्रम की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।









