बालोद, 06 जुलाई 2026।
मछलियों के प्रजनन एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिले में वर्षा ऋतु के दौरान 15 अगस्त 2026 तक सभी प्रकार के मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सहायक संचालक मछली पालन ने बताया कि छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 की धारा 3(2) के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक प्रदेश में क्लोज सीजन घोषित किया गया है। इस अवधि में मछलियों की वंश वृद्धि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नदी, नालों तथा अन्य संबंधित जलस्रोतों में मत्स्याखेट पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
हालांकि, ऐसे छोटे तालाब एवं जलस्रोत जिनका संबंध किसी नदी या नाले से नहीं है तथा जलाशयों में संचालित केज कल्चर पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) अधिनियम, 2025 तथा छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम, 1948 की धारा 5 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
मत्स्य पालन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि प्रतिबंध अवधि का पालन कर मछलियों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन में सहयोग करें।












