बालोद। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद एवं देश के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय जुंगेरा (बालोद) सहित जिलेभर में विभिन्न स्थानों और बूथ स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला भाजपा कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता पवन साहू, कृष्णकांत पवार, राकेश “छोटू” यादव, जितेंद्र साहू, प्रेम साहू, विनोद जैन, दुर्जन साहू सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, शिक्षा, राष्ट्रवाद और राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई 1901 को जन्मे डॉ. मुखर्जी ने कम उम्र में ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने।
वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने कृषि शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, महिला शिक्षा तथा हिंदी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, देश विभाजन के दौर में पश्चिम बंगाल को भारत में बनाए रखने तथा स्वतंत्र भारत के औद्योगिक विकास की आधारभूत योजनाओं में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सिद्धांतों से समझौता न करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुई। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” के नारे के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया और जम्मू-कश्मीर की परमिट व्यवस्था के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व किया।
वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।












