बालोद। एक शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसका प्रेरक उदाहरण पीएम श्री प्राथमिक शाला जगतरा की प्रधान पाठक एवं मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण ‘शिक्षा दूत-2025’ से सम्मानित श्रीमती खेमलता ठाकुर ने प्रस्तुत किया है। उनके सतत प्रयासों से कुपोषित बालिका कुमारी गुणाक्षी निषाद अब पूरी तरह कुपोषण मुक्त हो गई है।

श्रीमती खेमलता ठाकुर ने 4 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन की “कुपोषित बच्चों को गोद लेने” की योजना के तहत ग्राम जगतरा की बालिका गुणाक्षी को गोद लिया। यह गोद लेना बच्चे को घर ले जाना नहीं, बल्कि उसके स्वस्थ होने तक पोषण, देखभाल और उपचार की जिम्मेदारी निभाना है।
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 की कार्यकर्ता श्रीमती सोनबाई सोनबोईर के मार्गदर्शन में उन्होंने नियमित रूप से बालिका के स्वास्थ्य की निगरानी की। फल, दूध, पौष्टिक आहार एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
श्रीमती खेमलता ठाकुर का कहना है कि “हर बच्चा हमारा है और उसे स्वस्थ, सुपोषित तथा सुरक्षित भविष्य देना समाज के हर जिम्मेदार नागरिक और शिक्षक का कर्तव्य है।”
लगातार देखभाल और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप गुणाक्षी अब कुपोषण से मुक्त हो चुकी है। यह उपलब्धि बताती है कि यदि शासन की योजनाओं के साथ समाज भी जुड़ जाए, तो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी ढंग से विजय पाई जा सकती है।
इस सराहनीय कार्य पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मोहनी यादव, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती उमा ठाकुर तथा पीएम श्री प्राथमिक शाला जगतरा के समस्त स्टाफ ने श्रीमती खेमलता ठाकुर को बधाई देते हुए उनके सेवा भाव और सामाजिक दायित्व की प्रशंसा की।











