बालोद।
बालोद पुलिस ने अरिहंत एकेडमी स्कूल में मंगलवार को व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, यातायात एवं सड़क सुरक्षा नियमों तथा महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए अभिव्यक्ति ऐप की जानकारी दी। कार्यक्रम में छात्रों से यातायात नियमों का पालन करने, साइबर ठगी से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन 1930 का उपयोग करने की अपील की गई।

पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में एसडीओपी बोनीफॉस एक्का, यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय तथा थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया।
यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय ने छात्रों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने तथा सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सड़क सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ सख्त चालानी कार्रवाई भी जारी है। 6 जुलाई को शराब पीकर वाहन चलाने वाले चार वाहन चालकों पर न्यायालय ने कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने छात्रों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों से अवगत कराते हुए अनजान वीडियो कॉल, संदिग्ध लिंक, ओएलएक्स ठगी, इनाम जीतने और मोबाइल टावर लगाने जैसे झांसों से बचने की सलाह दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में महिला सेल की उपनिरीक्षक सीता गोस्वामी ने बालिकाओं एवं बच्चों को अभिव्यक्ति ऐप के उपयोग की जानकारी देते हुए इसे मोबाइल में डाउनलोड रखने और आपात स्थिति में इस्तेमाल करने का तरीका समझाया। साथ ही गुड टच-बैड टच, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, बाल शोषण से बचाव और उनके कानूनी अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी।











