“शेयर टू शाइन” थीम के तहत बेजुबान गौवंश की सुरक्षा हेतु अनूठी पहल



आर्ट ऑफ गिविंग टीम ने गायों के गले में बांधी रेडियम बेल्ट, सड़क हादसों से बचाने चलाया जागरूकता अभियान

खैरागढ़। आर्ट ऑफ गिविंग के 13वें स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. अच्युत सामंत की प्रेरणा एवं राज्य समन्वयक शबाना बेगम के मार्गदर्शन में “शेयर टू शाइन” थीम के अंतर्गत बेजुबान गौवंश की सुरक्षा और सेवा हेतु प्रेरणादायक अभियान चलाया गया।

इस अभियान का नेतृत्व खैरागढ़ जिला समन्वयक सूरज नागवंशी एवं उनकी टीम ने किया। वहीं इस सेवा कार्य में निस्वार्थ गौ सेवा समिति के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।


गौवंश की सुरक्षा के लिए बांधी गई रेडियम बेल्ट

अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क पर घूम रहे गायों और बछड़ों के गले में रेडियम बेल्ट बांधी गई, ताकि रात्रि के समय वाहन चालकों को वे दूर से दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।

टीम ने बताया कि वर्तमान समय में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क पर बैठे बेजुबान पशुओं के साथ दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। रेडियम बेल्ट के माध्यम से वाहन चालक पहले ही सतर्क हो सकेंगे और गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।


गायों को खिलाया ब्रेड और गुड़

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा गायों को ब्रेड और गुड़ खिलाकर गौसेवा, करुणा और मानवता का संदेश भी दिया गया। पूरे कार्यक्रम में सेवा भाव, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।


“छोटी कोशिशों से बचाई जा सकती हैं कई जानें” — सूरज नागवंशी

इस अवसर पर जिला समन्वयक सूरज नागवंशी ने कहा कि “‘शेयर टू शाइन’ का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब हम अपनी संवेदनाओं और खुशियों को समाज तथा बेजुबान जीवों के साथ साझा करें।”

उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमने वाली गायें और बछड़े भी समाज की जिम्मेदारी हैं तथा छोटी-छोटी कोशिशों से कई बेजुबान जानों को दुर्घटनाओं से बचाया जा सकता है। अभियान का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना भी है।


इनका रहा विशेष सहयोग

इस सेवा अभियान में यशवंत टंडन, चेतन सिन्हा, अजय कुमार एवं देवेंद्र ठाकुर ने विशेष सहयोग प्रदान किया। वहीं निस्वार्थ गौ सेवा समिति की ओर से अमर, कृष नायक, तनमय, अखिलेश एवं आदित्य ने श्रमदान कर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक अभियान बताया तथा आमजन से भी बेजुबान पशुओं की सुरक्षा एवं सेवा के लिए आगे आने की अपील की गई।

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