बालोद जिले की संगीत प्रतिभाओं का राज्यस्तर पर जलवा, ‘सुर संग्राम सीजन-02’ में निर्णायक बने मुनमुन सिन्हा और हेमंत साहू, दल्लीराजहरा के दीपक सोना ने पाया तीसरा स्थान



भानुप्रतापपुर में आयोजित राज्यस्तरीय गायन प्रतियोगिता में बालोद जिले ने बढ़ाया मान

भानुप्रतापपुर/बालोद।
स्वर्गीय प्रीतम दास कुलदीप जी की स्मृति में 24 मई 2026 को कला मंच आयोजन समिति भानुप्रतापपुर के तत्वावधान में आयोजित राज्यस्तरीय एकल गायन प्रतियोगिता “सुर संग्राम सीजन-02” संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। इस प्रतियोगिता में जहां प्रदेशभर के प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपने सुरों का जादू बिखेरा, वहीं बालोद जिले की प्रतिभाओं ने निर्णायक और प्रतिभागी दोनों रूपों में अपनी विशेष पहचान बनाई।

बालोद जिले के मुनमुन सिन्हा और हेमंत साहू बने निर्णायक

प्रतियोगिता में बालोद जिले की चर्चित संगीत प्रतिभाएं मुनमुन सिन्हा और हेमंत साहू निर्णायक मंडल में शामिल रहे। दोनों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति को सुर, ताल, लय, रिदम, प्रस्तुतीकरण और संगीत की बारीकियों के आधार पर परखा।

दोनों निर्णायकों ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी बेहद प्रतिभाशाली थे और विजेताओं का चयन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन अंचल की छुपी प्रतिभाओं को मंच देने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

बालोद जिले के दल्लीराजहरा के दीपक सोना ने जीता तीसरा स्थान

इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी दीपक सोना ने शानदार प्रस्तुति देकर तीसरा स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। दीपक की प्रस्तुति को दर्शकों और निर्णायकों ने खूब सराहा।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भिलाई के रौनक मेश्राम और द्वितीय स्थान कांकेर की विभावना ने प्राप्त किया।

तीन चरणों में हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा

प्रतियोगिता को ऑडिशन, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड में आयोजित किया गया। ऑडिशन राउंड में 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 28 प्रतिभागियों को सेमीफाइनल के लिए चुना गया। सेमीफाइनल में प्रतिभागियों की संगीत समझ, स्केल, रिदम और विभिन्न संगीत विधाओं में प्रस्तुति की क्षमता को परखा गया। इसके बाद 16 प्रतिभागियों ने फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में गूंजे क्लासिकल, सूफी और मेलोडी गीत

फाइनल राउंड में प्रतिभागियों ने क्लासिकल, सेमी क्लासिकल, कव्वाली, सूफी और मेलोडी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों की मनमोहक आवाज और दमदार प्रस्तुति से पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

प्रदेशभर से पहुंचे प्रतिभागी

प्रतियोगिता में भानुप्रतापपुर, दल्लीराजहरा, मानपुर, मोहला, खड़गांव, कोंडागांव, नारायणपुर, भिलाई, राजनांदगांव, खैरागढ़ और नागपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कला मंच आयोजन समिति की सराहना

निर्णायक मुनमुन सिन्हा और हेमंत साहू ने कहा कि “सुर संग्राम” जैसे आयोजन न केवल कला और संगीत को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मंच ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाओं के लिए नई उड़ान साबित हो रहे हैं।

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