DAILY BALOD NEWS

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नवाचार- स्कूल में नमस्ते के कांसेप्ट ने शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक को छत्तीसगढ़ में बनाया नायक


बालोद। गुंडरदेही ब्लाक के ग्राम पसौद के शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक को स्कूल शिक्षा विभाग के पढ़ाई तुंहर द्वार पोर्टल के तहत हमारे नायक के रूप में चयनित किया गया है। यह जानकर आपको अच्छा लगेगा कि नमस्ते यानी अभिवादन के नवाचार के आधार पर उनका चयन हमारे नायक में हुआ और उनके इस नवाचार को छत्तीसगढ़ के लिए रोल मॉडल माना गया। ताकि उनकी कहानी से दूसरे भी प्रेरित हो। श्री रजक,शिक्षक (एल.बी.)
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद विकासखंड गुंडरदेही जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में पदस्थ हैं।

उन्होंने बताया दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करना भारत देश की प्राचीन सभ्यता और उनसे जुड़े वैज्ञानिक कारण भी हैं। दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करना हमारे भारत देश की प्राचीन परंपरा और सभ्यता है। दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करने से आप सामने वाले को सम्मान देते हैं, साथ ही वैज्ञानिक महत्व के कारण हमें शारीरिक लाभ भी मिल जाता है। जब हम दोनों हाथ आपस में जोड़ते हैं तो हमारे हथेलियों और उंगलियों के उन बिंदुओं पर दबाव पड़ता है। जो आंख, नाक, कान, दिल आदि शरीर के अंगों से सीधा संबंध रखते हैं। इस तरह दबाव पड़ने को एक्वाप्रेशर चिकित्सा भी कहते हैं।

कोरोना गाइडलाइंस का भी पालन

:- इस तरह नमस्कार करने से हम सामने वाले के स्पर्श में भी नहीं आते हैं, जिससे किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा भी नहीं रहता और विशेष रूप से वर्तमान समय में जो कोरोनाकाल चल रहा है। उसमें यह दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करने की जो पद्धति है वह बहुत ही अच्छी है।

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