सांसारिक मोह त्याग संयम पथ पर अग्रसर होंगे नवनीत कोठारी, 4 सितंबर को बीकानेर में संभावित भगवती दीक्षा



डौंडीलोहारा। जैन धर्म के सर्वोच्च संयम एवं त्याग के मार्ग पर अग्रसर होते हुए मूलतः राजस्थान के देशनोक निवासी मुमुक्षु नवनीत जी कोठारी की भगवती दीक्षा आगामी 4 सितंबर को राजस्थान के बीकानेर में संभावित है। यह पावन दीक्षा समारोह जैनाचार्य भगवंत श्रीरामलाल जी म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनिजी म.सा. के सानिध्य में संपन्न होगा।

नगर आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत एवं बहुमान

शुक्रवार को डौंडीलोहारा आगमन पर स्वर्गीय गेंदमल लोढ़ा परिवार द्वारा अपने निवास पर नवनीत जी कोठारी का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर शॉल, मेवा एवं धार्मिक साहित्य भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। श्वेत वस्त्र एवं मुखवस्त्रिका धारण किए मुमुक्षु नवनीत जी ने विनम्र भाव से सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

परिवार की तीसरी पीढ़ी अपनाएगी त्याग और तपस्या का मार्ग

नवनीत जी कोठारी का परिवार लंबे समय से जिनशासन सेवा एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके सुपुत्र ने लगभग एक वर्ष पूर्व ही आचार्य भगवंत श्रीरामलाल जी म.सा. के मुखारविंद से दीक्षा ग्रहण कर रामचरण मुनि के रूप में संयम जीवन स्वीकार किया है। वहीं उनकी माताजी भी पूर्व में दीक्षा ग्रहण कर चुकी हैं। ऐसे में नवनीत जी की दीक्षा परिवार की तीसरी पीढ़ी का वैराग्य और आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना माना जा रहा है।

परिवारजनों ने दी शुभकामनाएं

वीर बहन डिंपल लोढ़ा ने कहा कि नवनीत जी का यह निर्णय पूरे परिवार एवं समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं अनिल लोढ़ा एवं दिनेश लोढ़ा ने कहा कि आत्मकल्याण के लिए उठाया गया यह कदम उनके जीवन को ज्ञान, दर्शन और चारित्र से आलोकित करेगा।

दीक्षा महोत्सव में शामिल होने का किया आग्रह

इस अवसर पर महेश नाहटा, देवेंद्र भंसाली, शकुन लोढ़ा, निर्मला लोढ़ा, रश्मि लोढ़ा, दीपाली लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पारिवारिक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नवनीत जी के वैराग्य भाव की अनुमोदना करते हुए उन्हें मंगलकामनाएं दीं।

नवनीत जी कोठारी ने 4 सितंबर को बीकानेर में आयोजित होने वाले दीक्षा महोत्सव में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि गुरुजनों एवं धर्मप्रेमियों का स्नेह और आशीर्वाद ही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

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