40 वर्षों की शिक्षकीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए एल.आर. पाटिल, पूर्व छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भावुक होकर किया सम्मान
डुंडेरा। ग्राम पंचायत डुंडेरा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा के प्रधानपाठक एल.आर. पाटिल के सेवानिवृत्त होने पर शाला परिवार एवं ग्रामवासियों द्वारा अनोखा विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानपाठक पाटिल को गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण कराते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। ग्रामीणों ने जगह-जगह तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया।
गांव भ्रमण के दौरान पाटिल सर से शिक्षा प्राप्त कर चुके पूर्व छात्र-छात्राएं भी भावुक नजर आए। ग्रामीणों ने अपने प्रिय शिक्षक को नम आंखों से विदाई दी। गांव में भ्रमण के बाद शाला परिसर में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ स्वागत भाषण एवं गीत के साथ हुआ।

कार्यक्रम के दौरान प्रभारी प्रधानपाठक श्री पटेल ने एल.आर. पाटिल के शिक्षकीय जीवन एवं सेवाकाल की जानकारी देते हुए बताया कि श्री लिलार सिंह पाटिल का जन्म 8 सितंबर 1963 को ग्राम परसतराई, विकासखंड गुण्डरदेही, जिला दुर्ग में श्री डोमार सिंह पाटिल के परिवार में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ग्राम परसतराई से प्राप्त करने के बाद उच्च शिक्षा दुर्ग से पूरी की। स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात 7 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक शाला खुटेरी (खे) में सहायक शिक्षक के रूप में अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की।
शिक्षा विभाग में उत्कृष्टता एवं प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं देते हुए 14 अगस्त 1985 को शासकीय प्राथमिक शाला डुंडेरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हुए। इसके बाद 28 अगस्त 2008 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा में उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर पदोन्नत हुए। निरंतर शिक्षा सेवा प्रदान करते हुए 11 जून 2021 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा में प्रधानपाठक के पद पर पदस्थ हुए और कुशलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
लगभग 40 वर्षों की लंबी शिक्षकीय सेवा के दौरान श्री पाटिल ने विद्यार्थियों के शिक्षा एवं व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लंबी सेवा अवधि के पश्चात 30 सितंबर 2025 को वे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा के प्रधानपाठक पद से सेवानिवृत्त हुए।
विदाई समारोह के दौरान ग्रामीणों एवं पूर्व छात्र-छात्राओं ने पाटिल सर के साथ बिताए अपने अनुभवों को साझा किया। कई पूर्व विद्यार्थी अपने शिक्षक को विदाई देते समय भावुक हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि पाटिल सर ने अपने सेवाकाल में न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा दी, बल्कि उनके जीवन को बेहतर दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन के बाद ग्राम प्रमुख एवं शाला परिवार के सदस्य पाटिल सर को उनके गृहग्राम तक छोड़ने गए। शिक्षक के प्रति ग्रामीणों और विद्यार्थियों का यह स्नेहपूर्ण सम्मान पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
रिपोर्ट : छबि लाल कोर्राम













