DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

तकनीक के सहारे तेज होगी न्याय की रफ्तार: एसपी किरण चव्हाण ने विवेचकों को दिए 83 हाईटेक स्मार्टफोन

ई-साक्ष्य ऐप से डिजिटल जांच को मिलेगा नया आयाम, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना को बढ़ावा देने की पहल

बालोद। बालोद पुलिस ने अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए वैज्ञानिक एवं पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) ने जिले के विवेचकों को 83 हाईटेक स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए। इन स्मार्टफोनों के माध्यम से e-Sakshya (ई-साक्ष्य) ऐप का प्रभावी उपयोग कर डिजिटल साक्ष्य संकलन, घटनास्थल का दस्तावेजीकरण तथा अनुसंधान कार्य को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि समयबद्ध, निष्पक्ष और वैज्ञानिक विवेचना ही न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाना बालोद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक विवेचक को नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करते हुए आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना होगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य अपराध अनुसंधान का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। इसलिए जिले के सभी विवेचकों को e-Sakshya ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए घटनास्थल का डिजिटल दस्तावेजीकरण, फोटो, वीडियो, लोकेशन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सुरक्षित और विधिसम्मत संकलन करना चाहिए, ताकि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्य अधिक विश्वसनीय और मजबूत बन सकें।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वितरित किए गए हाईटेक स्मार्टफोन केवल संचार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आधुनिक अपराध अनुसंधान के प्रभावी उपकरण हैं। इनके माध्यम से घटनास्थल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, ई-साक्ष्य अपलोड करने, वरिष्ठ अधिकारियों से त्वरित समन्वय स्थापित करने तथा अनुसंधान कार्यों का समयबद्ध निष्पादन आसान होगा। इससे विवेचना की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा और न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी।

एसपी चव्हाण ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई, मजबूत बीट व्यवस्था के माध्यम से आमजन से बेहतर संवाद तथा जिले की यातायात व्यवस्था में सुधार को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित पुलिस बल के माध्यम से बालोद पुलिस को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाया जाएगा, जिससे अपराधों की विवेचना तेज, सटीक और साक्ष्य आधारित हो सके।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद बोनीफास एक्का, एसडीओपी गुरूर माया शर्मा, डीएसपी मुख्यालय श्रुति सिंह, रक्षित निरीक्षक, जिले के सभी थाना प्रभारी तथा विवेचक उपस्थित रहे।

You cannot copy content of this page