एसपी किरण गंगाराम चव्हाण ने की प्रकाशन की सराहना, कहा— हर महीने का अंक मुझे अवश्य भेजते रहिए
बालोद। जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) से शिष्टाचार भेंट कर ‘दर्शन बालोद’ मासिक पत्रिका के प्रथम एवं द्वितीय अंक भेंट किए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने पत्रिका के प्रकाशन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देने के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
पत्रिका का अवलोकन करने के बाद एसपी श्री चव्हाण ने कहा कि समाज में सकारात्मक कार्यों और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को प्रमुखता देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “दर्शन बालोद का प्रत्येक मासिक अंक मुझे अवश्य भेजते रहिए। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
इस अवसर पर दर्शन बालोद के प्रधान संपादक दीपक यादव ने पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग और विश्वास से हमने “पत्रकारिता का नया युग प्रारंभ” करने का संकल्प लिया है। हमारी कोशिश है कि नकारात्मक खबरों की भीड़ से अलग हटकर समाज के प्रेरणादायी कार्यों, प्रतिभाओं और सकारात्मक पहलुओं को लोगों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे “छुपे रुस्तम” हैं, जो शिक्षा, समाजसेवा, संस्कृति, पर्यावरण, खेल, नवाचार एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मुख्यधारा की मीडिया में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। दर्शन बालोद ऐसे व्यक्तित्वों और उनके कार्यों को समाज के सामने लाने का सतत प्रयास कर रहा है।
उन्होंने बताया कि द्वितीय अंक “योग दिवस विशेषांक” के रूप में प्रकाशित किया गया है, जबकि आगामी तृतीय अंक का प्रकाशन भी शीघ्र किया जाएगा। भविष्य में प्रत्येक अंक किसी विशेष विषय (थीम) पर आधारित होगा, ताकि हर माह पाठकों को एक नई सोच, नई प्रेरणा और सकारात्मक संदेश मिल सके।
इस दौरान यह भी तय हुआ कि ‘दर्शन बालोद’ के आगामी अंक में पाठकों को पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण के व्यक्तित्व, कार्यशैली एवं जीवन परिचय से भी रूबरू कराया जाएगा, जिससे जिले के लोग उन्हें और बेहतर ढंग से जान सकें।
भेंट के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री चव्हाण ने दर्शन बालोद परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने का प्रभावी माध्यम है और ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।











