महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जयघोष से गूंजा पूरा नगर

बजरंग दल ने श्रद्धालुओं की जलसेवा कर निभाई सेवा परंपरा, डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु, गजामूंग प्रसाद के लिए उमड़ी भीड़, पुलिस ने संभाली व्यवस्था

बालोद। महाप्रभु श्री जगन्नाथ रथयात्रा के शुभ अवसर पर नगर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तेज बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली भव्य रथयात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।

रथयात्रा में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कार्यकर्ताओं ने यात्रा मार्ग पर जलसेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल पिलाया और उनका आत्मीय स्वागत किया। इस सेवा कार्य की श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से सराहना की।
लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। युवा, महिलाएं और बच्चे डीजे की भक्ति धुनों पर नाचते-गाते महाप्रभु श्री जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए रथ के साथ चलते रहे। पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का अनूठा नजारा देखने को मिला।

रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच गजामूंग प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु का प्रसाद प्राप्त कर आशीर्वाद लिया।
रथयात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यात्रा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
बारिश की फुहारों के बीच निकली यह रथयात्रा श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बन गई, जिसने नगरवासियों के मन में भक्ति और उल्लास का नया संचार किया।

बरसते बादलों के बीच आस्था का विराट उत्सव
रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे स्थानीय प्राचीन कपिलेश्वर मंदिर से हुआ। आकर्षक एवं सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान श्रीजगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र एवं बहन देवी सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले। भगवान के दर्शन के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु सपरिवार पहुंचे और पूरे मार्ग में भक्ति एवं उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल रहे।
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच गजामूंग प्रसाद का वितरण किया गया। महाप्रभु का प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े रहे और भक्तिभाव के साथ प्रसाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
इन मार्गों से निकली भव्य रथयात्रा
रथयात्रा कपिलेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर बुधवारी बाजार, हलधरनाथ योगी चौक, मोखला मांझी, मधु चौक, जय स्तंभ चौक, शीतला मंदिर, नया बस स्टैंड, दल्ली चौक, घड़ी चौक और सदर बाजार से होते हुए महामाया मंदिर पहुंची। परंपरा के अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा यहां नौ दिनों तक विश्राम करेंगे, जिसके पश्चात पुनः रथयात्रा के माध्यम से अपने मूल मंदिर लौटेंगे।
पुलिस प्रशासन ने संभाली सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था
रथयात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे रथयात्रा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
जनप्रतिनिधियों सहित हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

रथयात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, संतोष पाड़ी, तरुण बड़तिया, मोहन साहू, दीपक देवांगन, धीरज चोपड़ा, छोटे लाल चंद्राकर, कमल पनपालिया, प्रेमचंद क्षीरसागर, विकास चोपड़ा, संतोष कौशिक, गिरजेश गुप्ता, अमित दुबे, महाराज क्रांति दुबे, संतोष चौधरी, प्रीतम यादव, गोकुल ठाकुर, तुलसी यादव, गोमती रात्रे, श्यामा यादव, पुष्पा साहू, हितेश्वरी कौशिक, प्रीति देशमुख, लक्ष्मी साहू, सुनीता मनहर, प्रतिमा यादव, लक्ष्य चौधरी सहित बड़ी संख्या में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हुए।
रथयात्रा समिति ने जताया आभार

रथयात्रा समिति ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहयोग देने वाले नगरवासियों, धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों, प्रशासन, पुलिस विभाग तथा बालोद एवं आसपास के गांवों से पहुंचे सभी श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि विपरीत मौसम के बावजूद जिस प्रकार श्रद्धालुओं ने अपनी अटूट आस्था और उत्साह का परिचय दिया, वह भगवान श्रीजगन्नाथ के प्रति जनमानस की अगाध श्रद्धा का प्रतीक है।












