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भतीजे के खिलौने को तोड़ने पर 6 वर्षीय बालक पर ईंट से किया जानलेवा हमला, आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास

बालोद की अदालत का फैसला; मासूम को सीताफल खिलाने के बहाने ले जाकर सिर और चेहरे पर किए थे ताबड़तोड़ वार

बालोद। भतीजे का खिलौना टूटने से नाराज होकर 6 वर्षीय मासूम पर ईंट से जानलेवा हमला करने के मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर की अदालत ने आरोपी मुकेश कुमार साहू (29 वर्ष), निवासी ग्राम देवसरा, थाना अर्जुन्दा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला 10 जुलाई 2026 को सुनाया।

अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने पैरवी की। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, 21 अक्टूबर 2024 को प्रार्थी दुमन साहू का 6 वर्षीय पुत्र लिकेश साहू खेलने के लिए पड़ोसी खोमलाल साहू के घर गया था। कुछ समय बाद जब परिजन उसे बुलाने पहुंचे तो वह वहां नहीं मिला। काफी तलाश के बाद सुबह लगभग 11:30 बजे लिकेश खोमलाल के बाड़ी (ब्यारा) में गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में मिला। उसके सिर, चेहरे, आंख और गले पर गंभीर चोटें थीं तथा वह खून से लथपथ था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दुर्ग रेफर किया गया।

पुलिस जांच के दौरान आरोपी मुकेश कुमार साहू से पूछताछ में उसने बताया कि लिकेश अक्सर उसके घर खेलने आता था और उसके भतीजे के खिलौनों से खेलते समय उन्हें तोड़ देता था। घटना वाले दिन भी लिकेश के छूने से खिलौना दोबारा टूट गया, जिससे वह गुस्से में आ गया। इसके बाद उसने लिकेश को सीताफल खिलाने का बहाना बनाकर अपने ब्यारा में ले गया और वहां ईंट के टुकड़े से उसके सिर और चेहरे पर कई वार कर दिए।

थाना अर्जुन्दा पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान गवाहों के बयान, चिकित्सीय परीक्षण, आरोपी के मेमोरेंडम कथन तथा अन्य साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

इस प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार कंवर द्वारा की गई।

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