समग्र शिक्षा के तहत 9 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण पर दिया गया विशेष जोर
डौंडीलोहारा। शिक्षा में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देश तथा जिला परियोजना कार्यालय बालोद के आदेशानुसार आईसीटी योजना अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गांव में विकासखंड स्तरीय आईसीटी लैब एवं स्मार्ट क्लासरूम प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिक्षकों को पारंपरिक ब्लैकबोर्ड से की-बोर्ड आधारित स्मार्ट शिक्षण की ओर अग्रसर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
समग्र शिक्षा के तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक विद्यालय को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चयनित किया गया था। डौंडीलोहारा विकासखंड के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गांव को प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया, जहां 06 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डीजी दुनिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत शिक्षकों को प्रोजेक्टर, लैपटॉप, आईसीटी लैब एवं स्मार्ट क्लासरूम का अध्ययन-अध्यापन में प्रभावी उपयोग करने की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को किस प्रकार और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा में तकनीक के समावेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रत्येक बैच में अधिकतम 40 शिक्षकों को शामिल किया गया। प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम 8 शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। नौ दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विकासखंड के 300 से अधिक व्याख्याता एवं शिक्षक अलग-अलग समूहों में शामिल हुए।
प्रशिक्षण को सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर प्यारेलाल सिन्हा, युगेन्द्र रात्रे, रजिन्दर भुआर्य एवं रूपेंद्र का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षकों ने अत्यंत सरल एवं व्यवहारिक तरीके से स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल उपकरणों और आईसीटी लैब के संचालन की जानकारी प्रदान की, जिससे शिक्षक तकनीक आधारित शिक्षण को सहज रूप से अपनाने के लिए प्रेरित हुए।
विद्यालय के संस्था प्रमुख श्री जितेंद्र कुमार उइके ने शिक्षकों से स्मार्ट क्लासरूम एवं आईसीटी लैब का नियमित उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक एवं रुचिकर तरीके से शिक्षण प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षण से बच्चों के सीखने, समझने और विषयों को आत्मसात करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विद्यालय की आईसीटी लैब प्रभारी व्याख्याता कादम्बिनी यादव ने प्रशिक्षण की सफलता पर सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग शिक्षक अपनी कक्षाओं में प्रभावी रूप से करेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।











