नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शिक्षा से संस्कारवान पीढ़ी तैयार करने का लिया संकल्प

डौंडीलोहारा। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को गायत्री शक्तिपीठ डौंडीलोहारा में बाल संस्कार शाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में लगभग 30 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास कर उन्हें संस्कारवान नागरिक बनाना है।
बाल संस्कार शाला के संचालन के लिए शोभना देशमुख, तेजेश्वरी कंवर, अनुराधा चौहान एवं रेखा साहू को आचार्य के रूप में दायित्व सौंपा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक समन्वयक भोलाराम साहू ने कहा कि यदि समाज को नई दिशा और सकारात्मक दशा देनी है, तो बचपन से ही बच्चों में नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संस्कारों का विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि बाल संस्कार शाला इस उद्देश्य की पूर्ति का एक प्रभावी माध्यम है।
वरिष्ठ प्रज्ञापुत्र कैलाशनाथ साहू ने बाल संस्कार शाला की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को गीत, प्रेरणादायक कहानियां, महापुरुषों के जीवन प्रसंग, जीवन जीने की कला, स्वस्थ रहने के उपाय, योग एवं प्राणायाम जैसी उपयोगी बातें नियमित रूप से सिखाई जाएंगी, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र कुमार बघेल ने किया। इस अवसर पर परिव्राजक विदेशी राम चौहान, तुलसी साहू, पीलूराम साहू, जान बाई साहू सहित गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।











