DAILY BALOD NEWS

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सूदखोरी के नाम पर किसान की कृषि भूमि हड़पने का आरोप, एसपी और कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

3 लाख रुपये के ऋण के बदले रजिस्ट्री कराने, धमकी देने और प्रताड़ित करने का आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग

बालोद। जिले के ग्राम सम्बलपुर (नाहँदा) निवासी किसान परदेशीराम साहू ने अर्जुन्दा निवासी नमन जैन पर साहूकारी के नाम पर धोखे से अपनी कृषि भूमि हड़पने तथा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, बालोद को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, किसान ने पारिवारिक आवश्यकताओं और उपचार के लिए लगभग 3 लाख रुपये उधार लिए थे। किसान का आरोप है कि इसी परिस्थिति का लाभ उठाकर साहूकार ने विश्वास में लेकर उसकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। किसान का कहना है कि उसे यह कहकर गुमराह किया गया कि यह केवल ऋण की सुरक्षा के लिए औपचारिक प्रक्रिया है और पूरी राशि चुकाने के बाद भूमि वापस कर दी जाएगी।

किसान का आरोप है कि जब उसने मूलधन और ब्याज सहित पूरी राशि लौटाने का प्रयास किया तो आरोपी ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और भूमि पर अपना अधिकार जताते हुए उसे खेत छोड़ने की धमकी दी। किसान का कहना है कि प्रशासन के समक्ष शिकायत करने के बाद भी उस पर और उसके परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

पीड़ित किसान ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस की मौजूदगी में उसे खेत से हटाने का प्रयास किया गया तथा कुछ दस्तावेजों पर दबावपूर्वक हस्ताक्षर करवाए गए। उसने आशंका जताई है कि उसके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराकर उसे और उसके परिवार को और अधिक प्रताड़ित किया जा सकता है।

किसान ने बताया कि उसकी कृषि भूमि ही उसके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि उसे भूमि से बेदखल किया जाता है तो उसका परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ जाएगा। इसी कारण उसने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

पीड़ित किसान ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि जिले में सूदखोरी और धोखाधड़ी के माध्यम से किसानों की भूमि हड़पने जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर किसान को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

नोट: यह समाचार पीड़ित किसान द्वारा प्रशासन को दी गई लिखित शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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