बालोद में कांग्रेस की प्रेसवार्ता, कथित वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी बोले— “यह केवल आर्थिक मामला नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा प्रश्न है”; पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा
बालोद, 16 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री दीपक बैज के निर्देश पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा राजीव भवन में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए तथा मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
“आस्था के नाम पर राजनीति और चढ़ावे के नाम पर लूट” : चंद्रेश हिरवानी
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष श्री चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति कर सत्ता हासिल की, लेकिन अब मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं और यदि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितताएं हुई हैं तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी।
“देश जानना चाहता है चंदे और चढ़ावे का हिसाब” : विनोद चंद्राकर
मुख्य वक्ता एवं महासमुंद के पूर्व विधायक श्री विनोद चंद्राकर ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक राम मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर से चंदा एकत्र किया गया और अब मंदिर के चढ़ावे एवं वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कथित अनियमितताएं हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने गिनाए कथित मामले और उठाए कई सवाल
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे, वित्तीय प्रबंधन को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टें तथा जांच से जुड़े विभिन्न घटनाक्रम गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री से इस पूरे प्रकरण पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी थीं, तो इस्तीफों और जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
पत्रकारवार्ता में कांग्रेस ने निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
- कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन, चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद एवं आयोजनों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार दंडित किया जाए।
कांग्रेस नेताओं की रही उपस्थिति
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल, प्रदेश प्रतिनिधि अनिल लोढ़ा, बालोद शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, अश्वनी गौतम, कमलेश श्रीवास्तव, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष कासिमुद्दीन कुरैशी, माधव गिरी गोस्वामी, दाऊद खान, देवेंद्र साहू, कल्याणी चंद्राकर, अनीस खान, दामेश्वर देशमुख सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











