विद्यालय निरीक्षण के दौरान बीआरसी बस्तर ने बच्चों में जगाया सीखने का उत्साह
प्राथमिक शाला पटेलपारा भरनी एवं माध्यमिक शाला चामिया का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों को पढ़ने, बोलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए किया प्रेरित

बस्तर। विकासखंड संसाधन समन्वयक (बीआरसी) बस्तर ने संकुल चामिया अंतर्गत प्राथमिक शाला पटेलपारा भरनी एवं माध्यमिक शाला चामिया का निरीक्षण कर विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, कक्षाओं में अध्यापन व्यवस्था तथा शिक्षकों के शिक्षण कार्य का अवलोकन किया गया।
‘बोलेगा बचपन’ गतिविधि से बढ़ाया बच्चों का आत्मविश्वास
प्राथमिक शाला पटेलपारा भरनी में प्रार्थना सभा के दौरान बीआरसी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए “बोलेगा बचपन” गतिविधि के तहत बच्चों को मंच पर आकर कविता, कहानी, अंग्रेजी पोएम एवं पहाड़े सुनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है, भाषा कौशल विकसित होता है तथा उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
अंग्रेजी पढ़ने और सही उच्चारण पर दिया विशेष जोर
इसके बाद बीआरसी ने संकुल चामिया स्थित माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में चल रहे अध्यापन कार्य का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा की। विद्यार्थियों को प्रतिदिन अंग्रेजी की पुस्तक पढ़ने, नए शब्द सीखने और सही उच्चारण के साथ पढ़ने का नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी भाषा दक्षता और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।
शिक्षकों को दिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान बीआरसी ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने, विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करने तथा प्रत्येक बच्चे की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार किया जाए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़ सके।
विद्यालय परिवार ने किया स्वागत
विद्यालय परिवार ने बीआरसी बस्तर के मार्गदर्शन का स्वागत करते हुए इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए प्रेरणादायक बताया। शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक मार्गदर्शन से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।












