सोकपिट और मैजिक पिट से गांवों में जलभराव से मिली राहत, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा
बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बालोद जिले में ग्रे-वॉटर (रसोई, स्नानघर एवं कपड़े धोने के बाद निकलने वाले पानी) के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले के विभिन्न ग्रामों में सोकपिट, मैजिक पिट एवं अन्य ग्रे-वॉटर प्रबंधन संरचनाओं का निर्माण कर ग्रामीण स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और भू-जल संवर्धन को भी नई गति दी जा रही है।
पूर्व में घरों से निकलने वाला ग्रे-वॉटर सड़कों और गलियों में बहने से जलभराव, गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों के पनपने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। अब सोकपिट एवं मैजिक पिट के माध्यम से इस पानी का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे गांवों में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हुई है और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण हो रहा है।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में संचालित इस पहल से भू-जल स्तर के पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। वर्षा जल एवं ग्रे-वॉटर के भूमि में समाहित होने से जल स्रोतों का संरक्षण हो रहा है, जो भविष्य की जल आवश्यकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ग्रे-वॉटर प्रबंधन से जल प्रदूषण में कमी आने के साथ खुले में गंदा पानी बहने की समस्या भी समाप्त हो रही है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा कम हुआ है और ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल रहा है। कई स्थानों पर उपचारित जल का उपयोग पौधारोपण एवं हरित क्षेत्रों के संरक्षण में भी किया जा रहा है, जिससे जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्मित सोकपिट, मैजिक पिट एवं अन्य ग्रे-वॉटर प्रबंधन संरचनाओं का नियमित उपयोग एवं रखरखाव करें तथा इनमें किसी भी प्रकार का ठोस कचरा न डालें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही यह अभियान सफल होगा और स्वच्छ, स्वस्थ एवं जल-सुरक्षित गांवों के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।












