गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में कराया गया भ्रमण, ग्रामीणों ने तिलक लगाकर और श्रीफल भेंटकर किया सम्मान
अर्जुन्दा। ग्राम पंचायत डुंडेरा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा के प्रधानपाठक एल.आर. पाटिल के सेवानिवृत्त होने पर शाला परिवार एवं ग्रामवासियों द्वारा अनोखे एवं भावुक विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शाला परिवार एवं ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उनका पूरे गांव में भ्रमण कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंटकर प्रधानपाठक एल.आर. पाटिल का सम्मान किया।
गली भ्रमण के पश्चात विद्यालय परिसर में आयोजित मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण एवं स्वागत गीत के साथ हुई। कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानपाठक श्री पटेल ने एल.आर. पाटिल के लंबे शिक्षकीय जीवन एवं सेवाकाल की जानकारी साझा करते हुए बताया कि श्री लिलार सिंह पाटिल का जन्म 8 सितंबर 1963 को छत्तीसगढ़ की पावन माटी ग्राम परसतराई, विकासखंड गुण्डरदेही, जिला दुर्ग में श्री डोमार सिंह पाटिल के परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम परसतराई से पूर्ण करने के पश्चात उच्च शिक्षा दुर्ग से प्राप्त की।
स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 7 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक शाला खुटेरी (खे) से सहायक शिक्षक के रूप में उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की। शिक्षा विभाग में उत्कृष्टता एवं प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं प्रदान करते हुए 14 अगस्त 1985 को शासकीय प्राथमिक शाला डुंडेरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हुए।
इसके बाद 28 अगस्त 2008 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा में उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर पदोन्नति हुई। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएं देते हुए 11 जून 2021 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा में प्रधानपाठक के पद का दायित्व संभाला। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कुशलतापूर्वक शैक्षणिक कार्यों का संपादन करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लगभग 40 वर्षों के लंबे शिक्षकीय सेवाकाल को उत्कृष्टता एवं प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण करने के बाद 30 सितंबर 2025 को प्रधानपाठक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति पर आयोजित विदाई समारोह में शाला परिवार एवं ग्रामवासियों ने उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी।
इस अवसर पर ग्रामवासियों एवं उनके द्वारा पढ़ाए गए पूर्व छात्र-छात्राओं में भी भावुकता देखने को मिली। कई पूर्व विद्यार्थी अपने शिक्षक को विदाई देते समय भावुक नजर आए। ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। कार्यक्रम के समापन के बाद ग्राम प्रमुख एवं शाला परिवार के सदस्य उन्हें उनके गृहग्राम तक छोड़ने भी गए।
प्रधानपाठक एल.आर. पाटिल की यह विदाई समारोह लंबे समय तक शाला परिवार, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों के लिए एक भावुक एवं यादगार पल बनकर याद रहेगा।












