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दल्लीराजहरा में कोशरिया महार/महरा समाज की जिला स्तरीय बैठक संपन्न, संगठन और शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर

समाज की एकता और संगठन को बताया विकास की कुंजी, मृत्यु भोज एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान

दल्लीराजहरा। दल्लीराजहरा परिक्षेत्र के माध्यम से रविवार को सुबह 11 बजे कोशरिया महार/महरा समाज की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के प्रांतीय एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों सहित बालोद, कांकेर एवं राजनांदगांव जिले से बड़ी संख्या में स्वजातीय सामाजिक बंधु एवं महिलाएं शामिल हुईं।

बैठक के प्रारंभ में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों का फूल, गुलाल एवं गुलदस्ते से आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात परंपरा के अनुसार इष्टदेव भगवान विष्णु एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

एकता और संगठन से ही समाज होगा मजबूत : दिलीप बघेल

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष श्री दिलीप बघेल ने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज से अलग रहकर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। समाज की मजबूती के लिए सभी को संगठन एवं एकता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रहने से समाज मजबूत नहीं होता, बल्कि आपसी एकजुटता और सहयोग से ही सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है।

उन्होंने समाज के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि यदि समाज को विकास की दिशा में आगे ले जाना है तो शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

समाज को टुकड़ों में नहीं, संगठन के साथ आगे बढ़ना होगा : राम शैलेंद्र

समाज के प्रांतीय अध्यक्ष श्री राम शैलेंद्र ने कहा कि समाज को टुकड़ों में बंटकर नहीं, बल्कि एकजुट होकर संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन में बड़ी से बड़ी सामाजिक समस्याओं का समाधान मिलकर किया जा सकता है। समाज के प्रत्येक सदस्य को सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए संगठन को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

उन्होंने समाज में व्याप्त कुछ सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मृत्यु भोज एवं दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद होने वाले भोज में अनावश्यक खर्च से परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसी प्रकार दहेज प्रथा के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को विवाह के बाद लंबे समय तक कर्ज का बोझ उठाना पड़ता है। इसलिए समाज को मिलकर ऐसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

सामूहिक प्रयास से होगा सामाजिक समस्याओं का समाधान

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार परिवार में सदस्यों की संख्या बढ़ने के साथ विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं और परिवार के सदस्य मिलकर उनका समाधान करते हैं, उसी प्रकार समाज में भी समय-समय पर अनेक समस्याएं आती रहती हैं। इन समस्याओं का समाधान भी सामूहिक एकता, आपसी सहयोग और मजबूत संगठन के माध्यम से किया जा सकता है।

वक्ताओं ने कहा कि समाज को संगठित रखने एवं सामाजिक हितों के लिए निरंतर कार्य करने में समाज के प्रांतीय अध्यक्ष एवं प्रमुख पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज के सभी सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

तीन जिलों के समाज प्रमुखों की रही महत्वपूर्ण सहभागिता

दल्लीराजहरा में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में बालोद, कांकेर एवं राजनांदगांव जिले के समाज प्रमुखों एवं स्वजातीय बंधुओं की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष श्री राम शैलेंद्र, कोषाध्यक्ष श्री शलवंत धाकड़, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री हरिओम अमंडिया एवं संयुक्त सचिव श्री दीपक आरदा उपस्थित रहे।

बालोद जिला संगठन से जिला अध्यक्ष श्री दिलीप बघेल, उपाध्यक्ष श्री उदय डोंगरे, सचिव श्री थानेश्वर कौशल, कोषाध्यक्ष श्री ललित राम, संयुक्त सचिव श्री महेश सहारे, सलाहकार श्री कमल किशोर कौशल एवं दल्लीराजहरा परिक्षेत्र अधिकारी श्री परदेशी राम कटिंगल सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य मौजूद रहे।

राजनांदगांव जिले से जिला अध्यक्ष श्री प्रवीण मांडवी, पूर्व अध्यक्ष श्री शिवचरण डोंगरे सहित समाज के स्वजातीय बंधु शामिल हुए। वहीं कांकेर जिले से जिला अध्यक्ष श्री भीखम आरदे सहित पदाधिकारी एवं स्वजातीय बंधुओं ने सहभागिता निभाई।

बालोद जिला महिला प्रकोष्ठ से जिला अध्यक्ष श्रीमती मधुमाला कौशल, सचिव श्रीमती हिरो केसरिया, सहसचिव ज्योति कौशल एवं रूपा भैंसे सहित अन्य महिला पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहीं।

बैठक में समाज के स्वजातीय बंधुओं एवं बहनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति अपनी जागरूकता एवं प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

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