बच्चों को हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास साफ-सफाई रखने के बताए गए तरीके, सीडबॉल निर्माण और पौधारोपण के लिए किया प्रेरित
बालोद। पर्यावरण गतिविधि एवं संरक्षण टीम, जिला बालोद द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर भाठागांव (आर) में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अरुण एवं उदय के भैया-बहनों को स्वच्छता के महत्व के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी गई।
इस दौरान बच्चों को हाथों को अच्छी तरह रगड़कर साबुन से धोने के लिए गीत एवं खेल के माध्यम से प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि सुबह उठकर ब्रश करना, नियमित स्नान करना, स्वच्छ कपड़े पहनना और सप्ताह में नियमित रूप से नाखून काटना व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए आवश्यक है। साथ ही अपने घर, कक्षा एवं आसपास के परिसर को साफ रखने तथा कूड़े-कचरे को हमेशा निर्धारित कूड़ेदान में डालने की समझाइश दी गई।
बच्चों को यह भी बताया गया कि शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोना चाहिए, क्योंकि हाथों में मौजूद गंदगी और कीटाणुओं के कारण सर्दी-खांसी, पेट दर्द सहित कई बीमारियां फैल सकती हैं। कहानी और खेल के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विनोद कुमार साहू ने कहा कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में सभी की सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि परिवार के साथ मिलकर सीडबॉल निर्माण, बीजरोपण एवं पौधारोपण जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य कौशल कुमार जागड़े सहित आचार्यगण खिलेश्वर सेन, चंद्रा साहू, रश्मि साहू, गुणिता साहू, दुर्गेश्वरी साहू, डिलेवरी देवांगन, कुसुम ठाकुर, कंचन यादव, नीलम साहू, खिलेश्वरी रात्रे एवं भारती साहू सहित समिति परिवार का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने का संकल्प लिया।












