जिले में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की तैयारी, अगस्त-सितंबर में होगा जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुतिकरण
बालोद। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के जिला स्तरीय आयोजन की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (NCSTC), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा चयनित मुख्य कथानक “Science and Innovation for Sustainability” पर जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों की एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान भवन, विधानसभा रोड, रायपुर में किया गया। इस कार्यशाला में बालोद जिले से तीन व्याख्याताओं ने सहभागिता की।

राज्य स्तरीय कार्यशाला में बालोद जिले से श्री बी.एन. योगी, जिला समन्वयक एवं कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बालोद, श्रीमती कादंबिनी यादव, जिला एकेडमिक समन्वयक एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़गांव तथा श्रीमती जयंती राय, रिसोर्स पर्सन एवं शासकीय हाई स्कूल, देवरी (द) शामिल हुईं।
कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों को विभिन्न प्रोफेसरों, शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य कथानक के अंतर्गत निर्धारित पांचों उपविषयों पर विस्तारपूर्वक एवं गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए जाने वाले वैज्ञानिक प्रोजेक्ट की विषयवस्तु, शोध प्रक्रिया, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान डॉ. जे.के. राय, स्टेट कोऑर्डिनेटर एवं वैज्ञानिक, सी-कास्ट, रायपुर ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस वैज्ञानिक गतिविधि से जोड़ने पर जोर देते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
राज्य स्तरीय कार्यशाला से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब बालोद जिले के जिला समन्वयक एवं उनकी टीम द्वारा जिले के अन्य शिक्षकों के लिए परियोजना निर्माण संबंधी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों के वैज्ञानिक प्रोजेक्ट तैयार कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जिले में अगस्त से सितंबर माह के बीच जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुतिकरण का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें सहभागिता के लिए सभी प्रतिभागियों का ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य होगा। इसके लिए शिक्षकों को भी एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के अनेक विद्यालय पूर्व में भी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में सक्रिय सहभागिता कर चुके हैं और जिले के विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर तक जिले का नाम रोशन किया है। जिले के कई विद्यार्थी इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य वैज्ञानिक का दर्जा भी प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 में भी बालोद जिले से अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।













