स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा का जताया आभार, कहा— धार्मिक परंपरा की सुरक्षा की दिशा में सराहनीय पहल
दल्लीराजहरा। चातुर्मास प्रारंभ होने से पूर्व जैन साधु-साध्वियों द्वारा विभिन्न जिलों एवं शहरों की ओर पैदल विहार शुरू कर दिया गया है। विगत दिनों देश के विभिन्न राज्यों में पैदल विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर जैन साधु-साध्वियों के विहार मार्गों पर आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासन के इस निर्णय का जैन समाज ने स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।
सकल जैन समाज दल्लीराजहरा की ओर से स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जैन समाज की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं साधु-साध्वियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि पैदल विहार के दौरान साधु-साध्वियों एवं उनके साथ चलने वाले सेवकों को व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में आयोग द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यकतानुसार पुलिस सुरक्षा, यातायात नियंत्रण तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देना अत्यंत सराहनीय कदम है। इससे जैन साधु-साध्वियों का विहार अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकेगा।
स्वाधीन जैन ने कहा कि आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा का यह कथन कि “धार्मिक स्वतंत्रता एवं अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन एवं प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है” शासन की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जैन समाज की इस महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने सभी जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों से अपील की कि जैन साधु-साध्वियों के विहार के दौरान आवश्यक सुरक्षा एवं सहयोग सुनिश्चित करें, ताकि यह धार्मिक यात्रा पूरी श्रद्धा, गरिमा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके। जैन समाज ने इस जनहितकारी एवं धर्महितकारी निर्णय के लिए शासन एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है।













