“मानस दर्शन जीवन अर्पण” थीम पर राज्यस्तरीय ऑनलाइन महोत्सव का सफल समापन

बालोद। “मानस दर्शन जीवन अर्पण” थीम पर आयोजित मानस ब्रह्म गर्भ मानस मंथन 6.0 राज्यस्तरीय ऑनलाइन मानस मंथन महोत्सव 2026 का अंतिम दिवस 25 मई को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़ी मानस मंडलियों एवं मानस परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और रामचरितमानस के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती संगीता निषाद ने किया, जबकि सह संचालन की जिम्मेदारी डॉ. ओंकार चंद्राकर ने निभाई। पूरे आयोजन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
बालोद की मानस मंडली ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश

महोत्सव में प्रमुख रूप से शामिल ओम शांति महिला मानस मंडली, निपानी बालोद, जय कर्मा मानस मंडली (धुसेरा, सिवनी) एवं ज्ञान गंगा मानस परिवार, गनियारी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
विशेष रूप से ओम शांति महिला मानस मंडली, निपानी बालोद की व्याख्याकार एवं संगतकार हुलसी बाई सार्वा और उनके समूह ने समाज में फैल रही कुरीतियों, नशाखोरी एवं सामाजिक विकृतियों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है।
उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं धार्मिक परंपराओं को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मानस का संदेश समाज में सद्भाव, एकता और सकारात्मक सोच विकसित करता है।
ऑनलाइन माध्यम से हजारों श्रद्धालु जुड़े

राज्यस्तरीय ऑनलाइन आयोजन में बड़ी संख्या में मानस प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं ने जुड़कर कार्यक्रम का लाभ लिया। भक्ति गीतों, प्रवचनों एवं मानस वाचन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
प्रेम प्रकाश साहू की रिपोर्ट
