पूजा के लिए खुले अब मंदिरों के पट- पर कोरोना के बिना लक्षण वाले ही जा सकेंगे भीतर, देखिये भक्तों को किन-किन शर्तों का करना होगा पालन, कलेक्टर ने जारी किया आदेश



बालोद- कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि वर्तमान में जिले में कोरोना पाॅजीटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार कमी हो रही है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए बालोद जिले में स्थित पूजा/धार्मिक स्थल संचालन की अनुमति निम्नानुसार शर्तों के अधीन दी गई है:- प्रवेश द्वार पर सेनेटाईजर डिस्पेन्सर एवं थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। परिसर में केवल अलक्षण (बिना लक्षण) वाले व्यक्तियों को प्रवेश हेतु अनुमति दी जाएगी। फेस कवर/मास्क का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में पोस्टर/बैनर/स्टैण्डी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएॅ। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आॅडियो और वीडियो क्लिप को नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए। आगंतुकों को परिसर में क्रमशः एक के बाद एक ही प्रवेश दिया जाए। एक समय में अधिकतम पाॅच व्यक्तियों की अनुमति रहेगी। एक साथ परिसर के भीतर भीड़ इकट्ठा न किया जाए।

स्वयं के वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के जूते, चप्पल, उनके वाहन में ही रखकर धार्मिक/पूजा स्थल में प्रवेश हेतु निर्देशित किया जाए। अन्य श्रद्धालुओं हेतु अलग-अलग स्लाॅट अनुसार जूते/चप्पल रखने की व्यवस्था की जाए। परिसर के बाहर एवं पार्किंग स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग/फिजिकल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए उचित भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। परिसर के बाहर और भीतर स्थित सभी दुकान, स्टाॅल, कैफेटेरिया आदि में हमेशा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। कतार व्यवस्था एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने हेतु परिसर में चूने या अन्य किसी उचित रंग से गोल घेरा/सर्कल/ निशान लगाई जाए। प्रवेश हेतु कतार में खड़े होने वाले व्यक्तियों के मध्य न्यूनतम छह फीट की शारीरिक दूरी सुनिश्चित की जाए। आगंतुकों को परिसर में प्रवेश करने से पहले अपने हाथों और पैरों को साबुन और पानी से धोना होगा। बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जाए कि पर्याप्त सोशल डिस्टेसिंग/ फिजिकल डिस्टेंसिंग दूरी बनी रहे। एयर-कंडीशनिंग/वेंटिलेशन के लिए सीपीडब्ल्यूडी के  दिशानिर्देशों का पालन किया जाए जिसके अंतर्गत सभी एयर कंडिशनिंग उपकरणों की तापमान सेटिंग 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तथा रिलेटिव हयुमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत की सीमा में होनी चाहिए। ताजा हवा एवं क्राॅस वेंटिलेशन हेतु पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुर्ति/धार्मिक ग्रंथों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों में बड़ी सभाएॅ अथवा मण्डली कार्यक्रम का आयेाजन प्रतिबंधित होगा। संक्रमण के फैलने की संभावना को देखते हुए जहाॅ तक संभव हो रिकार्ड किए गए भक्ती संगीत/गाने  बजाए जा सकते हैं। परिसर के भीतर लोगों से मिलते-जूलते समय फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाए। धार्मिक/पूजा स्थल के भीतर सार्वजनिक चटाई/दरी के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। आंगतुक अपने साथ स्वयं की चटाई/दरी ला सकते है। धार्मिक/पूजा स्थल के भीतर प्रसाद वितरण एवं पवित्र जल का छिड़काव करने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक/पूजा संस्थान के प्रबंधन द्वारा धार्मिक/पूजा स्थल की नियमित साफ-सफाई एवं डिसइंफेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परिसर के फर्श को विशेष रूप से दिन में कई बार साफ किया जाए। आगंतुकों अथवा कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए गए फेस कवर/मास्क दस्ताने को उचित निपटान हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा वैक्सीनेशन(टीकाकरण) हेतु प्रेरित करें। यह आदेश 26 जून से प्रभावशील हो गया है।

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