सेवानिवृत्त शिक्षक भी बैठक में हुए शामिल, पुरानी पेंशन की बढ़ी उम्मीद
बालोद। पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर जिले के 1998 से नियुक्त शिक्षक अब निर्णायक रणनीति बनाने में जुट गए हैं। हाई कोर्ट द्वारा शिक्षकों के पक्ष में दिए गए फैसले के बाद बालोद जिले में विभिन्न ब्लॉकों में बैठकें आयोजित कर आगे की रणनीति तय की गई। शिक्षकों ने निर्णय लिया कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए विभागीय अधिकारियों को अभ्यावेदन सौंपा जाएगा।
हाई कोर्ट के फैसले से बढ़ी उम्मीद

जानकारी के अनुसार 1998 से नियुक्त शिक्षकों ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें दिलीप कुमार साहू एवं अन्य की डब्ल्यू.पी.एस. नंबर 3137/2021 तथा गिरधर राम साहू एवं अन्य की डब्ल्यू.पी.एस. नंबर 2206/2021 सहित प्रदेशभर के कई मामलों में अधिवक्ता अनूप मजूमदार एवं अन्य अधिवक्ताओं के माध्यम से याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं।
23 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि “पेंशन कोई खैरात नहीं बल्कि एक कल्याणकारी उपाय है” तथा संविलियन से पूर्व शिक्षकों द्वारा दी गई सेवा को शून्य नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने शासन को सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, प्रशासनिक नियंत्रण और संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर नीति बनाने के निर्देश दिए थे।
बाद में राज्य शासन द्वारा डबल बेंच में की गई अपील भी खारिज कर दी गई, जिससे शिक्षकों में पुरानी पेंशन मिलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल की गई कैविएट
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की पहल पर संगठन की ओर से 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दाखिल की गई है, ताकि बिना पक्ष सुने कोई एकतरफा आदेश पारित न हो सके।
बिना पेंशन सेवानिवृत्त शिक्षकों की बढ़ी चिंता
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि 10 वर्ष की सेवा बाध्यता के कारण कई सेवानिवृत्त शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित हैं और एनपीएस के तहत बेहद कम पेंशन मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे सेवानिवृत्त शिक्षक भी बैठक में शामिल हुए और पुरानी पेंशन के लिए सामूहिक रणनीति पर चर्चा की।
जिलेभर में हुई बैठकें
बालोद, गुरूर, डौंडी सहित जिले के सभी ब्लॉकों में कोर्ट गए शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगे की कानूनी और संगठनात्मक रणनीति तय की गई।
बड़ी संख्या में शिक्षक हुए शामिल
बैठक में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू, जिला संयोजक रामकिशोर खरांशु, उपाध्यक्ष वीरेंद्र देवांगन, शिव शांडिल्य, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुम्भकार, डौंडी ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र रावटे, महेंद्र टांडिया, गुलाब भारद्वाज, गिरधर साहू, भूपेंद्र पांडेय सहित अनेक शिक्षक एवं याचिकाकर्ता शामिल हुए।
इसके अलावा रूपराम नागवंशी, हरिश्चंद्र सिन्हा, नरेश नागवंशी, पूरन भेसले, सुंदर सिंह साहू, चोवा राम मंडावी, चैलेद्र साहू, जानकी नेताम, कुमार सिंह कश्यप, जालम सिंह नेताम, महेश कुमार सेन, दुखुत वैका, पन्ना राम साहू, रमेश नेताम, ठोकेश्वर देवदास, पुरुषोत्तम जामदार, केशव राम साहू, संजय ठाकुर, मंजु धनकर, धनेश सिन्हा, महेश्वर सोरी, बसंत साहू, परमानंद साहू, बसंत हिरवानी, दीनमणि साहू, अनिल सोनी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
