सुशासन तिहार में जनता को मिली राहत, पार्षद दीपक लोढा ने शिविर में ही सुनी समस्याएं और कराया समाधान



वार्ड क्रमांक 10 के सरदार पटेल मैदान में लगा जनसमस्या निवारण शिविर

बालोद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित “सुशासन तिहार” के तहत वार्ड क्रमांक 10 स्थित सरदार पटेल मैदान में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे, जहां स्थानीय पार्षद दीपक लोढा ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया।

वार्ड स्तर पर समाधान की पहल

नगर पालिका एवं जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा। सुबह से ही शिविर स्थल पर लोगों की भीड़ देखने को मिली और नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

पार्षद दीपक लोढा ने संभाली कमान

क्षेत्रीय पार्षद दीपक लोढा शिविर में लगातार मौजूद रहे। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ अधिकारियों को लंबित मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। पार्षद ने नागरिकों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया।

दस्तावेज सत्यापन और शिकायतों का निपटारा

शिविर में वृद्धजन एवं महिलाओं के पेंशन, राशन कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। वहीं नाली, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग काउंटर बनाए गए, जहां शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

महतारी वंदन और पीएम आवास योजना पर विशेष फोकस

शिविर में विशेष रूप से महतारी वंदन योजना से वंचित पात्र महिलाओं के आवेदन भरवाए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित किस्त भुगतान, नए आवेदन और पात्रता संबंधी जानकारी भी हितग्राहियों को उपलब्ध कराई गई।

नागरिकों ने जताई संतुष्टि

शिविर में पहुंचे स्थानीय निवासी कमलेश ने बताया कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन आज शिविर में ही उनका काम आसानी से हो गया।

पार्षद ने कहा— अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

पार्षद दीपक लोढा ने कहा कि उनका उद्देश्य वार्ड के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम हो रही है और लोगों को घर के पास ही सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।”

You cannot copy content of this page