618 दिनों से मजदूरी भुगतान लंबित: जनदर्शन में शिकायत के बाद भी नहीं मिला न्याय, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को अब तक नहीं मिली 90 दिन की मजदूरी

बालोद। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत किए गए श्रम कार्य का भुगतान 618 दिनों बाद भी नहीं होने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम पंचायत परसदा निवासी सुखदेव राम द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए कई बार आवेदन और जनदर्शन में शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में हितग्राही सुखदेव राम का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य के तहत उन्होंने 90 दिवस का अकुशल श्रम कार्य पूर्ण किया। नियमानुसार लगभग 20 हजार 430 रुपए की मजदूरी राशि 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना था, लेकिन 618 दिन बीत जाने के बाद भी भुगतान लंबित है।

विलंब मुआवजा भी 11 हजार रुपए से अधिक

जानकारी के मुताबिक मजदूरी भुगतान में देरी होने पर नियमानुसार प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत के हिसाब से विलंब मुआवजा भी देय होता है। वर्तमान स्थिति में यह मुआवजा राशि बढ़कर 11 हजार रुपए से अधिक हो चुकी है, लेकिन इसका भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।

जनदर्शन में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

मामले को लेकर आवेदक ने जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जनपद पंचायत बालोद द्वारा कलेक्टर कार्यालय को पत्र भेजकर अवगत कराया गया। पत्र में उल्लेख किया गया कि मामला पहले ही मनरेगा पोर्टल में प्रस्तुत किया जा चुका है, फिर भी भुगतान प्रक्रिया लंबित बनी हुई है।

जनसेवक उमेश कुमार सेन ने उठाया मामला

विशेष जानकारी के अनुसार यह मामला जनहित में सक्रिय जनसेवक उमेश कुमार सेन के माध्यम से सामने आया है। उन्हें यह जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त हुई। इस संबंध में ग्राम पंचायत परसदा के पूर्व उपसरपंच से भी चर्चा की गई, जिन्होंने मजदूरी भुगतान लंबित होने की पुष्टि की है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि मामला केवल कागजी नहीं, बल्कि वास्तविक जमीनी समस्या है।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब जनदर्शन जैसे मंच पर शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा?

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • लंबित मजदूरी राशि का तत्काल भुगतान किया जाए
  • विलंब मुआवजा सहित पूरी राशि जारी की जाए
  • जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए

उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी

मामले में अब तक समाधान नहीं होने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आवेदक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च अधिकारियों एवं लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल

यह मामला केवल एक हितग्राही का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाता है।

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