महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50% छूट, लेकिन बालोद में अब भी पुराने नियम!



अन्य ब्लॉकों में मिल रहा लाभ, जिला मुख्यालय में अफसरशाही पर उठे सवाल

बालोद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से भूमि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने की ऐतिहासिक घोषणा की गई है। शासन की अधिसूचना के अनुसार अब महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री में 4 प्रतिशत के बजाय केवल 2 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाएगा। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि अधिसूचना जारी होने के बाद भी बालोद जिला मुख्यालय स्थित रजिस्टार कार्यालय में महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि जिले के अन्य ब्लॉकों में नई व्यवस्था के अनुसार लाभ दिया जा रहा है।

अन्य ब्लॉकों में लागू, बालोद में क्यों नहीं?

जानकारी के अनुसार जिले के कई ब्लॉक कार्यालयों में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर नई दरों के अनुसार शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन जिला मुख्यालय बालोद में अब भी पुरानी प्रक्रिया जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वही राजस्व रिकॉर्ड ऑन लाइन होने के बाद से रजिस्ट्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता खतम कर दी गई है, लेकिन बालोद में अभी भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिलता हैं। इससे आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

लोगों का कहना है कि जब शासन स्तर पर स्पष्ट आदेश जारी हो चुका है, तो जिला मुख्यालय में इसका पालन नहीं होना । प्रशासनिक लापरवाही और अफसरशाही को दर्शाता है।

रजिस्टार कार्यालय की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में

बालोद रजिस्टार कार्यालय वर्तमान में पुराने जिला पंचायत भवन के प्रथम तल पर संचालित हो रहा है। यहां पहुंचने के लिए केवल सीढ़ियों का सहारा है। दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए रैंप जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।

रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग महिलाओं और दिव्यांगजनों को मजबूरी में सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं, जबकि सरकारी नियमों के तहत प्रत्येक सरकारी कार्यालय में सुगम पहुंच व्यवस्था अनिवार्य है।

“जिला मुख्यालय में अफसरशाही हावी”

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालोद जिला मुख्यालय में अफसरशाही लगातार हावी होती जा रही है। शासन की योजनाओं और आदेशों का समय पर पालन नहीं होने से आम जनता परेशान हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल नई अधिसूचना लागू कराने और रजिस्टार कार्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

महिलाओं को प्रोत्साहन की मंशा पर असर

राज्य सरकार की यह योजना महिलाओं को संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, लेकिन यदि जिला स्तर पर ही योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलेगा तो शासन की मंशा प्रभावित होगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कदम उठाता है।

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